नगीना से सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण की रैली को लेकर बना असमंजस खत्म हो गया है। उनकी एक्स गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी इस रैली में शामिल नहीं हो सकीं। रोहिणी ने इसके पीछे वीजा संबंधी समस्याओं को कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड में उनका वीजा रिन्यू नहीं हो पाया, जिसके चलते वह भारत नहीं आ सकीं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि वह यूरोपीय देशों में यात्रा कर सकती हैं, लेकिन भारत आने के लिए उन्हें वीजा अपडेट का इंतजार करना होगा, जिसमें समय लग रहा है।
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सोशल मीडिया पर दी थी चेतावनी
रैली से ठीक पहले रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक विमान में बैठे हुए अपनी तस्वीर साझा की थी, जिससे कयास लगाए जा रहे थे कि वह इंदौर पहुंच रही हैं। उन्होंने लिखा था कि हक की लड़ाई में निमंत्रण नहीं भेजे जाते और जिनका जमीर जिंदा होता है, वे खुद चले आते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद चंद्रशेखर की होगी क्योंकि अगर उन्हें खरोंच भी आई तो सांसद को जेल जाना पड़ेगा। इस पोस्ट के बाद पुलिस और प्रशासन सुरक्षा को लेकर काफी अलर्ट हो गया था, लेकिन अंततः वह नहीं पहुंचीं।
सांसद पर डरने का आरोप
रोहिणी घावरी ने आरोप लगाया है कि उनके आने की खबर सुनकर चंद्रशेखर आजाद डर गए थे। उन्होंने कहा कि इसी डर के कारण चंद्रशेखर ने 26 नवंबर की रैली के लिए बंद कमरे में बयान रिकॉर्ड करके मीडिया को जारी कर दिया। रोहिणी का कहना है कि उनकी उपस्थिति के डर से सांसद को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी।
महिला आयोग ने दर्ज की शिकायत
इस पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ तब आया जब राष्ट्रीय महिला आयोग ने रोहिणी की शिकायतों पर संज्ञान लिया। रोहिणी के अनुसार, आयोग ने उनकी शिकायत रजिस्टर कर ली है और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा, रोहिणी लगातार राजनीतिक आरोप भी लगा रही हैं। उनका कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चंद्रशेखर को संरक्षण दे रहे हैं और चंद्रशेखर की पार्टी भाजपा की बी-टीम के रूप में काम कर रही है।