इंदौर में मदरहुड अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ हुई बदसलूकी के बाद डॉक्टरों में गुस्सा है। 16 मार्च को यह घटना घटी, जब एक नवजात की तबियत खराब थी और उसके परिजनों ने सीनियर डॉक्टर गौरव मोगरा को बुलाया। डॉ. मोगरा रविवार को किसी पारिवारिक कार्यक्रम में जाने की तैयारी में थे, लेकिन फिर भी वे अस्पताल पहुंचे। इस दौरान लिफ्ट के बाहर भीड़ थी और उन्होंने परिजनों से रास्ता देने का अनुरोध किया। इसके बाद परिजनों ने बहस शुरू कर दी और डॉक्टर के साथ मारपीट की।
पत्नी से भी की बदसलूकी
जब डॉ. मोगरा ने अपना परिचय दिया और स्थिति को शांत करने की कोशिश की, तब भी परिजनों ने उनका विरोध किया। डॉ. मोगरा की पत्नी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी बदसलूकी का सामना करना पड़ा। डॉक्टर ने तत्काल विजय नगर पुलिस थाने को सूचित किया, लेकिन पुलिस की टीम देर से आई। इसके बाद दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और डॉक्टर से थाने जाकर एफआईआर दर्ज करने की बात कही।
पुलिस ने की देर से कार्रवाई
डॉ. मोगरा ने खुद थाने पहुंचकर आवेदन दिया, लेकिन एफआईआर दर्ज होने में करीब दो घंटे का समय लगा। हालांकि, पुलिस ने अब तक कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (इंदौर) के 60 से अधिक डॉक्टरों ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी इस घटना का विरोध करते हुए पुलिस को ज्ञापन सौंपा। डॉक्टरों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।