दीपावली पर मप्र की औद्योगिक राजधानी इंदौर और आसपास धन-वर्षा होने वाली है। त्योहारों के इस सीजन के दौरान इंदौर रीजन के बाजारों में 3 हजार करोड रुपए से अधिक का कामकाज होने की संभावना है। देश में व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) द्वारा। किए गए सर्वे में इसका दावा किया गया है। कैट ने इंदौर सहित देश भर के 70 शहरों में यह सर्वे कराया था। सर्वे परिणाम में यह बात सामने आई कि देश के भारत के सबसे बड़े त्योहार दिवाली एवं उससे जुड़े अन्य त्योहारों की श्रृंखला को जोर-शोर से मनाने के लिए व्यापारी और उपभोक्ता दोनों बेहद उत्साहित हैं। यही वजह है कि इस त्योहारी सीजन के दौरान देश के बाजारों में लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपए के व्यापार होने की संभावना है। इंदौर रीजन में इंदौर सहित 10 जिलों को शामिल गया है जिसमें से अकेले इंदौर में 2.5 हजार करोड़ का कारोबार होने की बात कही गई है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के जीएसटी पदाधिकारी नितेश गुप्ता का कहना है कि 70 शहरों जिन्हें व्यापारिक वितरण केंद्र माना जाता है, इनमें व्यापारी संगठनों के बीच कराए गए सर्वे की समीक्षा में यह सामने आया कि इस वर्ष देश भर में व्यापारियों ने बड़े पैमाने प पर ग्राहकों की मांग एवं पसंद को पूरा करने के लिए व्यापक तैयारियां की है। जिस प्रकार ये देश भर के बाजारों में इस बार रक्षा बंधन, गणेश पूजा, नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं दशहरा पर ग्राहकों द्वारा बड़ी खरीदारी की गई, उसे देखते हुए इस वर्ष त्योहारों के सीजन का व्यापार 4.25 लाख करोड़ रुपए होने की प्रबल संभावना है। पिछले साल लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपए का व्यापार देशभर में हुआ था। त्योहारी सीजन के बाद तुरंत शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा जिसमें भी व्यापारी बड़े व्यापार होने की उम्मीद कर रहे हैं।
इंदौर सहित 10 जिले शामिल
इंदौर रीजन में मालवा-निमाड़ के अलावा अन्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है जिसमें धारा खरगौन, बड़कनी, बुरहानपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, रतलाम, देवस और उज्जैन शामिल है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे मालवा निगाह में खरीदनी का सबसे बड़ा केंद्र इंदौर ही है। लगभग सभी बेत्रों में इंदौर से ही माल जाता है और के व्यापारियों द्वारा इंदौर से ही खरीदी की जाती है।
लोकल को बढ़ावा देने की कवायद
इस त्योहारी सीजन के दौरान लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की बात व्यापारियों द्वारा कही गई है। व्याधों का है कि प्रधानमंत्री इस त्यौहारों पर लोकल बनी वस्तुएं खरीदने का आह्वान किया गया है जिसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। वोकल फॉर लोकल अभियान के बालते कैट ने अपने सदस्यों से धौनी सामान का बॉयकॉट करने की बात कही है। कैंट का या है कि व्यापारियों ने व्यहारी पर बिकने काला कोई भी सामान चीन से आयात नहीं किया है।
इनमें होगा बड़ा कारोबार
केट पदाधिकारियों का कहना है कि जैसे त्योहारी में व्यापार के सभी क्षेत्र में बड़ी बिक्री होती है लेकिन विशेष रूप से गिफ्ट आइटमर, मिठाई नमकीन, ड्राई फ्रूट इलेक्ट्रॉनिकर, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, आभूषण, कपड़ा, बर्तन, काकरी, मोबाइल फर्नीचर फर्निशिंग, रसोई के उपकरण घर सजाने का सजावटी सामान, फुटवियर, सौंदर्य प्रसाधन कॉस्मेटिक कंप्यूटर एवं आईटी उपकरण, स्टेशनरी, विजली का सामान, क फुल्ल, पूजा सामडी, मिट्टी के दिये एवं कुम्हारों द्वारा बनाए गए अन्य सामान, भगवानों की तस्वीर, मूर्ति आदि, हार्डवेयर, पेंट, खाद्य सामान, एफएमसीजी सामान, किराना, सॉफ्ट ड्रिंक, कन्फेशनरी, खाश तेल, रेडीमेड फूट, खिलौने आदि में बड़ा व्यापार होगा। वहीं विभिन्न समानह होने के कारण सर्विस सेक्टर से जुड़े होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हाल कैटरिंग करेंट मैनेजमेंट के सॉस डिलीवरी सेक्टर कलावती सहित इसी उस के अन्ना वर्गों को भी बड़ा व्यापार मिलेगा। व्यौहानों के दौरान प्रॉपर्टी सेक्टर में भी बड़े सौदे होते हैं।
ज्वेलरी, कार, मिठाई और इलेक्ट्रॉनिक सबसे आगे
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने बताया कि सिर्फ इंदौर शहर की बात की जाए तो आभूषण में 150 करोड़ से ज्यादा का कारोबार दीपावली के दौरान होना। 100 करोड़ की कारें और 50 करोड़ रुपए की मिठाईयां बिक जाएंगी। 150 करोड़ का कामकाज इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल सेक्टर में होगा। कपड़ों में 80 और एफएमसीजी में 100 करोड़ का कामकाज होने की आशा है। यह तो मुख्य सेक्टर हुए इसके अलावा लगभग सभी सेक्टरों में बंपर कारोबार होगा।
पिछले साल के मुकाबले ज्यादा मांग
अहिल्या चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने बताया कि किराना कारोबार में नवरात्र से ही त्योहारी मांग निकालने लगी। दीपावली के पहले मांग में जोरदार उछाल आई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल सभी किराना सामान में तेजी है।