करीब 2 हजार करोड़ रुपये के इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के कारण इंदौर से मुंबई की दूरी लगभग 55 किमी कम हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट तेजी से चल रहा है और इसके पूरा होने से यात्रियों को महाराष्ट्र और गुजरात जाने के लिए नया रूट मिलेगा। इस रेल लाइन के बनने से न सिर्फ आम लोगों को बल्कि औद्योगिक क्षेत्र को भी बड़ी सुविधा होगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे इंदौर से मुंबई और गुजरात जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी, साथ ही समय की भी बचत होगी।
इंदौर-मुंबई रूट पर होगी यात्रा की गति में सुधार
इस प्रोजेक्ट से इंदौर से मुंबई जाने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। वर्तमान में इंदौर से मुंबई के लिए यात्रा करने पर लगभग 830 किमी का सफर तय करना पड़ता है, जो उज्जैन और रतलाम के रास्ते से होता है। हालांकि, इंदौर-दाहोद रेल लाइन के पूरी होने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 775 किमी रह जाएगी, जिससे मुंबई तक का सफर 55 किमी कम हो जाएगा। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि यात्रियों को भी समय की बचत होगी, जो इंदौर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास होगा।
205 किमी लंबी रेल लाइन का निर्माण कार्य
इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट के तहत कुल 205 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जा रही है। इस प्रोजेक्ट को कई हिस्सों में बांटकर पूरा किया जा रहा है। रतलाम मंडल ने मई 2025 तक इंदौर से नौगांव तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा है। इस प्रोजेक्ट में इंदौर से टीही तक का काम पहले ही पूरा हो चुका है और कंटेनर ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। छोटा उदयपुर से धार के बीच का काम भी तेजी से चल रहा है और इसका पूरा होना भी करीब है।
प्रोजेक्ट की लागत में हुई वृद्धि
इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट की लागत शुरू में 678.54 करोड़ रुपये थी, जो 2007 में स्वीकृत हुई थी। हालांकि, 2020 में काम बंद होने के बाद 2022 में फिर से इसे शुरू किया गया और इसके बजट में लगातार वृद्धि होती गई। अब इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 6,500 करोड़ रुपये तक जा सकती है। इस प्रोजेक्ट के तहत नई रेल लाइन इंदौर, पीथमपुर, धार, सरदारपुर, झाबुआ को जोड़ते हुए दाहोद तक पहुंचेगी, जिससे इन क्षेत्रों को नई रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।