इंदौर में रावण दहन कार्यक्रम में आए दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कई विषयों पर बात की, उन्होंने भतीजे द्वारा पुलिस से की गई बदतमीजी पर कहा कि वह बहुत छोटी घटना थी, जो होगा, देखा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने भतीजे आदित्य विक्रम सिंह के पुलिस से बदतमीजी करने की घटना को "छोटी घटना" बताते हुए इसे तूल न देने की बात कही। उनका कहना था कि यह घटना तब हुई जब उनके भतीजे को नुक्कड़ नाटक के आयोजन की जानकारी नहीं थी और पुलिस अपना काम कर रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी होगा, देखा जाएगा। राघौगढ़ की घटना में आदित्य विक्रम सिंह द्वारा पुलिस अफसरों के साथ बदसलूकी और धमकी देने पर केस दर्ज हुआ था, जिसके संदर्भ में दिग्विजय सिंह ने इस घटना को अधिक महत्व न देने की बात की।
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कैलाश के राज में हिंदू खतरे में कैसे आ गया
इसके अलावा, दिग्विजय सिंह ने भाजपा के नेता कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें विजयवर्गीय ने हिंदू धर्म पर संकट की बात की थी। दिग्विजय ने पलटवार करते हुए कहा कि जब मुगलों और अंग्रेजों के शासनकाल में हिंदू धर्म खत्म नहीं हुआ, तो अब प्रधानमंत्री मोदी के शासन में हिंदू धर्म कैसे संकट में हो सकता है? उन्होंने यह भी कहा कि अगर कैलाश विजयवर्गीय का राज है, तो हिंदू धर्म संकट में क्यों होगा?
थानों में सिर्फ एक धर्म के आयोजन पर आपत्ति
दिग्विजय सिंह ने थानों में शस्त्र पूजन पर भी बयान दिया और कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर सिर्फ एक धर्म का आयोजन होता है, तो वह आपत्ति करेंगे। भोपाल ड्रग्स कांड पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह देश के युवाओं के लिए खतरनाक संकेत है, और उन्होंने सरकार पर इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुजरात पुलिस को मध्य प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं था और उन्हें एमपी पुलिस की मिलीभगत का शक था।