इंदौर के गवर्नमेंट ऑटोनोमस डेंटल कॉलेज में प्रिंसिपल की कुर्सी को लेकर खींचतान अब और बढ़ गई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को डॉ. संध्या जैन और डॉ. अलका गुप्ता, दोनों ने दावा किया कि फैसला उनके पक्ष में है। शनिवार को डॉ. संध्या जैन प्रिंसिपल के केबिन में जाकर बैठ गईं और कामकाज शुरू कर दिया। वहीं, डॉ. अलका गुप्ता ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए दूसरे केबिन में प्रिंसिपल का पदभार संभाल लिया।
डॉ. अलका गुप्ता का कहना है कि डॉ. संध्या जैन 8 जनवरी को कार्यमुक्त हो चुकी हैं, लेकिन उन्होंने जबरदस्ती प्रिंसिपल के केबिन में जाकर बैठना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, डॉ. संध्या जैन ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को डॉ. गुप्ता ने सरकारी दस्तावेज जबरदस्ती छीन लिए और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले की शिकायत उन्होंने शासन को भी की है। स्थिति यह है कि दोनों ही प्रिंसिपल पद के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रही हैं। डॉ. गुप्ता का कहना है कि उन्हें शासन और कलेक्टर आशीष सिंह से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार रात को पदभार संभालने का निर्देश दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब डॉ. देशराज जैन की सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पत्नी डॉ. संध्या जैन ने प्रिंसिपल की कुर्सी संभाली। इसके बाद शासन ने उन्हें हटाकर डॉ. अलका गुप्ता को गुरुवार को प्राचार्य का प्रभार सौंप दिया। डॉ. जैन ने इस आदेश को चुनौती दी और हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका के बाद दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
डॉ. संध्या जैन के तर्क
शुक्रवार को डॉ. संध्या जैन ने फिर से प्रिंसिपल की कुर्सी संभाल ली। उनका कहना है कि हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि चूंकि चार्ज हैंडओवर नहीं हुआ है, इसलिए प्रिंसिपल का स्टेटस वही रहेगा, यानी चार्ज उनके पास ही रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अभी ट्रेजरी, बैंक और डाक जैसे सभी दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर ही मान्य हैं। कोर्ट की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होनी है और तब तक चार्ज उनके पास ही रहेगा।
डॉ. अलका गुप्ता के तर्क
डॉ. अलका गुप्ता ने डॉ. संध्या जैन पर आरोप लगाया कि उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पढ़ा। उनका दावा है कि कोर्ट ने कहा है कि एग्जिस्टिंग प्रिंसिपल वही बनी रहेंगी। डॉ. गुप्ता ने कहा कि उन्होंने 9 जनवरी को पदभार ग्रहण किया था और उनके पास डबल एजी का लिखित ओपिनियन है, जो उनके पक्ष को मजबूत करता है।