जिन चार स्थानों पर छापा मारा, वहां सौंफ पर रंग चढ़ाया जाता है। हल्की क्वालिटी की सौंफ 50 से 60 रुपये किलो मेें खरीदी जाती थी और उस पर रंग चढ़ाकर 120 से 150 रुपये किलो तक बेची जाती थी। इस सौंफ को होटल, रेस्त्रां में बेचा जाता था।
इंदौर में जब्त हुई 35 लाख की मिलावटी सौंफ को हरा करने के लिए घातक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। उस केमिकल का उपयोग आमतौर पर आइल पेंट में किया जाता है। अफसरों को जीएनटी मार्केट मेें मिलावटी सौंफ की बिक्री की जानकारी मिली थी।
विज्ञापन
खाद्य विभाग की टीम ने जीएनटी मार्केट, पालदा और लाबरिया भेरू क्षेत्र में तीन स्थानों पर छापे मारकर 31 क्विंटल सौंफ जब्त की। अफसरों ने पाया कि सौंफ को हरा करने के लिए रंग में जिस केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। वह आइल पेेंट में इस्तेमाल किया जाता है। अफसरों ने जब्त सौंफ के सेंपलों को जांच के लिए भेजा भी भेजा है।
हरा रंग से मिलाने से हो जाती है ज्यादा कीमत
जिन चार स्थानों पर छापा मारा, वहां सौंफ पर रंग चढ़ाया जाता है। हल्की क्वालिटी की सौंफ 50 से 60 रुपये किलो मेें खरीदी जाती थी और उस पर रंग चढ़ाकर 120 से 150 रुपये किलो तक बेची जाती थी। इस सौंफ को होटल, रेस्त्रां में बेचा जाता था।
ग्राहकों को भोजन के बाद रंग वाली सौंफ दी जाती है। सौंफ को चमकदार करने के लिए ग्रीन आक्साइड का इस्तेमाल भी किया जाता है। अफसरों ने बताया कि इंदौर से सौंफ प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सप्लाई की जाती है। सौंफ में पिपरमेंट का इस्तेमाल भी होता था। सेंपलों में मिलावट का खुलासा होने के बाद मिलावट करने वालों के खिलाफ केस भी दर्ज हो सकता है।