सार
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से जुड़ी बीमारियों के चलते दो और लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो वर्षीय बच्ची भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया से मौत की पुष्टि नहीं की है, हालांकि, क्षेत्र में अब तक 35 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।
शालिग्राम ठाकुर और बच्ची रिया। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बस्ती में दो लोगों की मौत हो गई। इनमें दो साल की बच्ची सिया भी शामिल है। इसके अलावा 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की भी जान चली गई। उन्हें सात दिन पहले उल्टी दस्त की शिकायत के चलते निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें लकवे की शिकायत थी, अन्य कोई बीमारी नहीं थी। उधर, दो वर्षीय सिया प्रजापति को भी दिसंबर में उल्टी दस्त की शिकायत के चलते भर्ती किया गया था। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बीमार होने के कारण सिया काफी कमजोर हो गई थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उसे लीवर की शिकायत थी।
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फिलहाल दोनों मौतों को मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया की वजह से नहीं की है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों को दूसरी बीमारियां भी थीं। बता दें, अब तक 35 मौतें दूषित पानी के कारण हो चुकी हैं। हालांकि, हाईकोर्ट में अफसरों ने 16 लोगों की मौत ही डायरिया से होने की बात मानी है।
बच्ची को लिवर में पस व निमोनिया था
भागीरथपुरा की बच्ची सिया प्रजापति की मौत को लेकर एमवाय अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रमुख अशोक लड्ढा ने स्पष्टीकरण दिया है। डॉ. लड्ढा के अनुसार बेबी सिया प्रजापति पिता सूरज प्रजापति को पांच फरवरी को भर्ती किया गया था। उसके लिवर में पस और निमोनिया था। लिवर से ऑपरेशन द्वारा पस निकाला गया। इसके बाद संक्रमण बढ़ने और मिर्गी के दौरे आने की वजह से मंगलवार को बच्ची की मृत्यु हो गई।