सार
विधानसभा चुनाव में तो इंदौर जिले की हर विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस नेता टिकट मांग रहे थे, लेकिन एक भी सीट कांग्रेस जीत नहीं पाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने जीतू पटवारी भी राऊ विधानसभा सीट से चुनाव हार गए।
विधानसभा चुनाव में इंदौर जिले की 9 सीटें हारने वाली कांग्रेस से कोई नेता लोकसभा क्षेत्र के लिए दावेदारी नहीं कर रहा है। चुनाव की रणनीति बना रहे नेता भी पसोपेश में है कि किस चेहरे पर दांव लगाया जाए।
चार नंबर विधानसभा क्षेत्र से दावेदार रहे कांग्रेस नेता अक्षय बम को पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों ने भोपाल बुलाया है। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी का सेहरा उनके सिर पर बांधा जा सकता है, हालांकि उन्होंने भी खुलकर चुनाव लड़ने की मंजूरी नहीं दी है।
विधानसभा चुनाव में तो इंदौर जिले की हर विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस नेता टिकट मांग रहे थे, लेकिन एक भी सीट कांग्रेस जीत नहीं पाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने जीतू पटवारी भी राऊ विधानसभा सीट से चुनाव हार गए।
परिणाम एकतरफा आने के बाद अब लोकसभा चुनाव के लिए कोई गंभीरता से कांग्रेस की तरफ से दावेदारी नहीं कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी खुद इंदौर के है,इसलिए वे भी इंदौर सीट पर विशेष रुचि ले रहे है।
अक्षय बम के अलावा विशाल पटेल का नाम भी चल रहा है। पूर्व विधायक संजय शुक्ला मेयर और इंदौर एक नंबर सीट से लगातार चुनाव हार चुके है, इसलिए वे खुद लोकसभा चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। कांग्रेस इस बार इंदौर लोकसभा सीट के लिए नया चेहरा तलाश रही है।
भोपाल में हुई कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागणों से मुलाकात और लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में बम ने कहा कि संगठन का जो भी फैसला होगा। उसका पालन किया जाएगा।