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Indore: मुख्यमंत्री ने की तारीफ, निगम ने भद्द पिटाई, कैमरों के सामने लगाए टीन शेड, अपराधियों की बल्ले बल्ले

Thu, 17 Apr 2025 05:53 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में अपराधियों की मौज और पुलिस की परेशानी का कारण बना नगर निगम का नया प्रयोग। ट्रैफिक सिग्नलों पर टीन शेड लगाकर वाहन चालकों को गर्मी से राहत देने की कोशिश की, लेकिन इससे पुलिस द्वारा लगाए कैमरों का दृश्य ब्लॉक हो गया।
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सीसीटीवी के ठीक सामने ही कैमरे लगा दिए। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर नगर निगम का प्रयोग पुलिस पर भारी पड़ रहा है और अपराधियों की बल्ले बल्ले हो गई है। भीषण गर्मी में वाहन चालकों को राहत देने के लिए इंदौर नगर निगम ने चौराहों पर टीन शेड लगवाए हैं। इनसे गर्मी से तो राहत मिल रही है लेकिन पुलिस के द्वारा लगवाए गए कैमरों के सामने का पूरा व्यू ही बंद हो गया है। पिछले महीने ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में तारीफ करते हुए कहा था कि इन कैमरों की वजह से बड़ी संख्या में पुलिस अपराधियों को पकड़ रही है और अब एक महीने के बाद ही निगम के इस प्रयोग ने पुलिस को हैरान कर दिया है। 
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पिछले महीने मुख्यमंत्री ने विधानसभा में की तारीफ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले महीने विधानसभा में कहा कि इंदौर के चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे केवल वाहन चालकों का चालान बनाने के लिए नहीं लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से इंदौर पुलिस द्वारा अब तक 236 अपराधी पकड़े गए हैं। डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर में यह कैमरे 3 नवंबर 2023 से लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा मार्च में यह भी बताया गया कि 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक 14 महीने में चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से इंदौर पुलिस द्वारा 9.10 लाख चालान बनाए गए हैं। इनमें दोपहिया वाहन के चालक द्वारा हेलमेट नहीं लगाए जाने के 8.90 लाख चालान बनाए गए हैं। 

दस करोड़ रुपए खर्च किए गए
विधानसभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी जानकारी दी कि इंदौर के चौराहों पर कुल 356 कैमरे लगे हैं। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत इन्हें लगाया गया है जिसमें 10 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। 
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हर चौराहे पर लग रहे शेड
निगम ने अभी पलासिया, इंद्रप्रस्थ, हाईकोर्ट समेत कई प्रमुख चौराहों पर टीन शेड लगाए हैं। भविष्य में निगम की लगभग सभी चौराहों पर शेड लगाने की योजना है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ है कि यह काम कब तक हो जाएगा। 

विज्ञापन से विवादों में आए टीन शेड
नगर निगम ने विज्ञापनदाताओं से मदद लेकर चौराहों पर यह टीन शेड लगवाए और शेड लगते ही यह विवादों में आ गए। बहुत कम राशि खर्च कर कई बड़े ब्रांड्स ने यह शेड शहर के प्रमुख चौराहों पर लगवाए जिससे उन्हें खासा प्रचार मिल रहा है। 

निगम कमिश्नर बोले हरी नेट लगाना थी शेड लग गए
नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि गर्मी में दो पहिया वाहन चालकों, राहगीरों को धूप से बचाने के लिए कई संस्थाओं ने ग्रीन नेट लगाने का निवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने चौराहों पर शेड लगा दिए। पक्के शेड लगाए और उन पर विज्ञापन कर दिया, जो बिल्कुल भी नियमसंगत नहीं है। ऐसे सभी लोगों को चेतावनी दी है कि या तो वे उन्हें हटा ले या विज्ञापन को हटा दे। क्योंकि हम सेवा करने के भाव से आए हैं, लेकिन नियमों का पालन करना सभी के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे सभी लोगों को समय दिया है, अगर विज्ञापन नहीं हटते है तो हम सफेद पेंट कर देंगे।

कई जगह लगी है हरी नेट
उल्लेखनीय है कि चौराहों पर तेज गर्मी में खड़े रहना दो पहिया वाहन चालाकों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। ऐसे में वे चौराहे के पास पेड़ की छांव के नीचे रुक जाते हैं। ऐसे में ग्रीन नेट या इस तरह के शेड से धूप से बचाव हो जाता है और वे चौराहे पर रुक जाते है। गौरतलब है कि पिछले साल भी गर्मी में अधिकतर चौराहे पर ग्रीन नेट लगाई गई थी, जिससे वाहन चालकों को धूप में चौराहे पर खड़े रहने के दौरान राहत मिली थी। इस बार ग्रीन नेट और इन शेड के कारण गर्मी में चौराहे पर रुकने में कुछ समय के लिए धूप से राहत मिल रही है।

हमने जानकारी दे दी है, स्मार्ट सिटी के अधिकारी सुधार करेंगे
पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक अरविंद तिवारी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है। शेड की वजह से कैमरे पूरी तरह ढंक गए हैं। जहां पर शेड गलत लगे हैं वहां कैमरों की पोजिशन में बदलाव होगा और जहां पर शेड लगने का काम होने वाला है वहां पर कैमरों को सुरक्षित रखते हुए शेड लगाए जाएंगे। 
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