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बांग्लादेशियों पर बवाल: भाजपा कांग्रेस आमने-सामने, नोबल पुरस्कार पर भी उठा सवाल

Thu, 05 Dec 2024 06:44 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर के सराफा बाजार और सदर बाजार में कथित बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी पर बीजेपी और कांग्रेस ने जांच की मांग की है। साथ ही, विधायक रमेश मेंदोला ने युनुस मोहम्मद से नोबल शांति पुरस्कार वापस लेने की अपील की।
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बांग्लादेश घुसपैठियों पर भाजपा नेता भड़के। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में रह रहे और काम कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब भाजपा की पूर्व मंत्री भी सक्रिय हो गई हैं। पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक उषा ठाकुर ने प्रशासन से यह मांग की है कि इंदौर के सराफा बाजार और सदर बाजार में काम करने वाले बांग्लादेशियों की जांच की जाए और उन्हें तुरंत यहां से हटाया जाए। हाल ही में, कांग्रेस ने भी इंदौर में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की जांच की मांग की थी। कांग्रेस ने सराफा एसोसिएशन को एक पत्र लिखकर उनसे जांच कराने को कहा था। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अनैतिक तरीके से यहां रह रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।  
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आधार कार्ड और समग्र आईडी की जांच हो
पूर्व मंत्री और महू विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि वे जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मांग करेंगी कि जितने भी बांग्लादेशी मजदूर और कारोबारी इंदौर में काम करने आए हैं, उनकी पहचान और दस्तावेजों का परीक्षण किया जाए। उनका आधार कार्ड और समग्र आईडी चेक करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बांग्लादेशी नागरिक यहां रह रहा है तो उसे तत्काल यहां से विदा करना चाहिए। बता दें कि सराफा बाजार में 15,000 से अधिक बंगाली कारीगर सोने के गहने बनाने का काम करते हैं। ये कारीगर आसपास के किराए के मकानों में रहते हैं और बाजार के छोटे-छोटे कमरों में गहने बनाने का काम करते हैं। हालांकि इन कारीगरों में कुछ बांग्लादेश से आए लोग भी हो सकते हैं, लेकिन उनकी सटीक संख्या का कोई पुख्ता रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।  

विधायक मेंदोला ने नोबल पुरस्कार समिति को लिखा पत्र
इंदौर-2 के विधायक रमेश मेंदोला ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने नोबल पुरस्कार समिति से मांग की है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख युनुस मोहम्मद से नोबल शांति पुरस्कार वापस लिया जाए। रमेश मेंदोला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार के विरोध में इंदौर से उठी यह आवाज अब वैश्विक स्वर बन रही है। उन्होंने कहा कि युनुस मोहम्मद, जो 2006 में नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित हुए थे, अपने देश में हिंदुओं पर हुए उत्पीड़न और नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे व्यक्ति को शांति पुरस्कार का हकदार नहीं माना जा सकता।  
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बंगाली कारीगर एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
बंगाली कारीगर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशांत सामवंत ने कहा कि सराफा बाजार में काम करने वाले सभी कारीगर पश्चिम बंगाल से हैं, जो भारत का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि बाजार में लगभग 15,000 से 20,000 कारीगर काम कर रहे हैं और उनकी एसोसिएशन में 10,000 से अधिक कारीगर रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई बांग्लादेशी कारीगर यहां काम कर रहा है, तो इसकी जांच प्रशासन और पुलिस को करनी चाहिए। बंगाली कारीगर एसोसिएशन ने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के खिलाफ हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।  

सराफा बाजार एसोसिएशन ने क्या कहा
सराफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल रांका ने कहा कि कांग्रेस की ओर से उन्हें अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और जांच करना पुलिस का काम है न कि किसी राजनीतिक दल का। यदि कोई व्यक्ति देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सराफा बाजार में काम करने वाले कारीगरों के रिकॉर्ड एसोसिएशन के पास नहीं हैं।  
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