प्रदेश के ज्यादातर बड़े शहरों के विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन इंदौर का मामला अभी भी होल्ड पर है। हालत यह हो गई है कि इंदौर में अब दावेदारों ने भी प्राधिकरण और नगर निगम के एल्डरमैन बनने में दिलचस्पी लेना बंद कर दिया है।
जब भी मुख्यमंत्री इंदौर आते हैं तो दावेदार उनके आसपास नजर आते हैं, लेकिन अभी भी नियुक्तियों को लेकर कोई संकेत नहीं मिले हैं। दरअसल, इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी का दर्जा मिल चुका है। इसका नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। आने वाले दिनों में महानगर विकास प्राधिकरण भी बन सकता है। संभवतः इसी कारण अभी इंदौर विकास प्राधिकरण में राजनीतिक बोर्ड का गठन नहीं हो रहा है।
उधर, इंदौर नगर निगम में भी एल्डरमैन नियुक्त नहीं किए गए हैं। डेढ़ साल बाद नगर निगम परिषद के चुनाव होना हैं। इस कारण एल्डरमैन बनने की चाह रखने वाले नेता भी ज्यादा जोर नहीं लगा रहे हैं, क्योंकि एल्डरमैन बनने के बाद उनकी पार्षद पद के टिकट की दावेदारी कमजोर हो सकती है।
यादव और जैन हैं अध्यक्ष पद के दावेदार
इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा नेता हरिनारायण यादव प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। वे पूर्व में प्राधिकरण में उपाध्यक्ष व संचालक मंडल के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा दीपक जैन टीनू का नाम भी चर्चा में है। इस बार उन्हें संगठन में भी कोई पद नहीं मिला है। इस कारण कयास लगाए जा रहे हैं कि वे नई भूमिका में आ सकते हैं। भाजपा नगर अध्यक्ष के लिए भी उनका नाम चर्चा में था। इसके अलावा मुकेश सिंह राजावत का नाम भी प्राधिकरण अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में है।