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Indore: अनादि का अंडर-19 के टी-20 और वनडे में चयन, मां ने सिखाया क्रिकेट, गेंदबाजी देख कांपते हैं बल्लेबाज

Thu, 11 Jun 2026 07:05 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

महज 9 साल की उम्र में पहली बार अंडर-19 टीम में जगह बनाने वाली अनादि को उनकी मां दिप्ती तागड़े और कोच देवाशीष निलोसे ने प्रशिक्षित किया है। अपनी सटीक लाइन-लेन्थ और तेज गेंदबाजी से वे सभी को चौंकाती हैं।
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अनादि तागड़े - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय महिला अंडर 19 क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। इस टीम में मध्य प्रदेश के इंदौर की होनहार खिलाड़ी अनादि तागड़े को भी स्थान मिला है। विशेष बात यह है कि पूरे मध्य प्रदेश से इस राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने वाली वे एकमात्र महिला खिलाड़ी हैं। चयनकर्ताओं ने अनादि की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए उन्हें वनडे और टी-20 दोनों ही प्रारूपों की टीमों में शामिल किया है। पिता अनुराग तागड़े ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि अनादि के चयन से उनके परिवार में जश्न का माहौल है, साथ ही इंदौर के खेल और क्रिकेट प्रेमियों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब अनादि ने अपनी प्रतिभा से सबको चौंकाया हो, इससे पहले महज 9 साल की उम्र में ही उनका चयन अंडर-19 टीम में हो गया था। उस समय उनसे उम्र में 10 साल बड़ी खिलाड़ी भी मैदान पर उनकी बेहतरीन गेंदबाजी की लाइन और लेन्थ को देखकर दंग रह जाती थीं। यही मुख्य कारण था कि इतनी छोटी उम्र में भी उन्होंने सीधे अंडर-19 टीम का टिकट हासिल कर लिया था।
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अनादि तागड़े। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
मां की प्रेरणा और कोच का मार्गदर्शन
अनादि को क्रिकेट विरासत में मिला है क्योंकि उनकी मां दिप्ती तागड़े खुद क्रिकेटर रह चुकी हैं। उन्होंने ही अपनी बेटी की प्रतिभा को पहचानकर उसे क्रिकेट का शुरुआती ककहरा और प्रशिक्षण दिया था। मां से मिले शुरुआती मार्गदर्शन और अभ्यास के बाद अनादि ने प्रोफेशनल क्रिकेट क्लब का रुख किया। महज 9 साल की उम्र में अनादि की धारदार गेंदबाजी से प्रभावित होकर चयनकर्ताओं ने साल 2017 में उनका चयन पहली बार अंडर-19 क्रिकेट टीम के लिए किया था। इसके बाद गुरु देवाशीष निलोसे की देखरेख में अनादि ने खेल की बारीकियों को सीखा और अपनी कला को और अधिक तराशा। वर्तमान में 17 साल की हो चुकीं अनादि मुख्य रूप से एक तेज गेंदबाज हैं। जब वे 9 साल की थीं, तभी से मैदान पर अपने से 10 साल बड़े और अनुभवी बल्लेबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन गई थीं। उनके बचपन के दिनों में ही उनकी गति और स्विंग को देखकर बड़े-बड़े दिग्गज क्रिकेटर अचरज में पड़ जाते थे। हालिया चयन प्रक्रिया के दौरान भी उनकी गेंदों की सटीक लाइन-लेन्थ देखकर बल्लेबाजों के साथ-साथ सिलेक्टर्स भी हैरान रह गए। उनके इसी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन का प्रतिफल है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे और टी-20 दोनों ही टीमों में जगह दी है।

बचपन से ही प्रतिभा का लोहा मनवाया
अनादि तागड़े के भीतर की खेल प्रतिभा बचपन के दिनों से ही बिखरने लगी थी। केवल 9 साल की बेहद कम उम्र में अनादि ने मध्य प्रदेश की अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह पक्की कर ली थी। इस सफर की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वे अपने जीवन में पहली बार किसी क्रिकेट ट्रायल का हिस्सा बनने गई थीं और पहली ही बार में सिलेक्टर्स ने उन्हें चुन लिया। जब अनादि स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ाई कर रही थीं, उसी दौरान से उन्होंने अपनी तेज तर्रार गेंदबाजी के दम पर प्रदेश के क्रिकेट गलियारों में सभी का ध्यान अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया था।
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