इंदौर में मोबाइल गेम की लत और जिद ने एक 9वीं कक्षा के छात्र की जान ले ली। उसने पास की दुकान से जहरीली दवा खरीदी और पी ली। दोस्तों ने जब यह देखा तो तुरंत उसकी मां को बताया। परिवार उसे निजी अस्पताल लेकर गया, जहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया। सोमवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
छत्रीपुरा पुलिस के अनुसार, मृतक छात्र प्रिंस (16) पुत्र संजय शाह, आदर्श इंदिरा नगर का रहने वाला था। रविवार रात उसने जहर खा लिया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। प्रिंस 9वीं कक्षा का छात्र था और उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं। उसके पिता एक मिठाई की दुकान पर काम करते हैं।
परिवार के अनुसार, कुछ दिनों पहले प्रिंस अपने माता-पिता के साथ बिहार के नारायणपुर गांव गया था। 25 जनवरी 2025 को वे लौट रहे थे, तभी पटना के पास ट्रेन में उसका मोबाइल चोरी हो गया। प्रिंस मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने का आदी था, इसलिए वह लगातार अपनी मां सुधा से नया मोबाइल दिलाने की जिद कर रहा था। उसकी मां ने कहा था कि पिता की सैलरी आने पर वह उसे मोबाइल दिला देंगी।
रविवार को प्रिंस ने फिर से मोबाइल के लिए जिद करना शुरू कर दिया। उसने मां से कहा कि अगर उसे मोबाइल नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देगा। मां ने समझाने की कोशिश की और कहा कि रात हो गई है, सोमवार को वह अपना मंगलसूत्र गिरवी रखकर उसे मोबाइल दिला देंगी। लेकिन प्रिंस को मोबाइल तुरंत चाहिए था, क्योंकि सुबह उसे स्कूल जाना था। मां ने उसे भरोसा दिलाया कि खाना खाने के बाद वे मोबाइल लेने चलेंगे, लेकिन गुस्से में आकर प्रिंस घर से निकल गया।
वह नजदीकी किराना दुकान पर गया और वहां से जहरीली दवा की पुड़िया खरीदी। इसे पानी में घोलकर पी लिया। जब परिवार को पता चला, तो तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान प्रिंस ने कहा कि वह सिर्फ अपने परिवार को डराने के लिए ऐसा कर रहा था, लेकिन सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मामले में पिता और कुछ परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अन्य लोगों से भी जल्द पूछताछ की जाएगी।