इंदौर जनसुनवाई में वार्ड 75 के पार्षद कुणाल सोलंकी कुमार भट्टी में 6 महीने से आ रहे दूषित पानी की बोतलें गिफ्ट पैक कराकर लाए। नेता प्रतिपक्ष ने भागीरथपुरा कांड दोहराने से रोकने की बात कही। अपर आयुक्त ने टेस्टिंग के बाद सप्लाई का भरोसा दिया।
इंदौर में नगर निगम की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। वार्ड क्रमांक 75 के कुमार भट्टी क्षेत्र के रहवासी और क्षेत्रीय पार्षद कुणाल सोलंकी गंदे पानी की बोतलें लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। पार्षद ने इन दूषित पानी से भरी बोतलों को बाकायदा गिफ्ट पैक करवाया था, जिन्हें महापौर, निगम आयुक्त और पीएचई विभाग के अधिकारियों के लिए लाया गया था। अधिकारियों द्वारा गिफ्ट बॉक्स खोलने पर उसमें से गंदे पानी से भरी बोतलें निकलीं। पार्षद और स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले काफी समय से नर्मदा का गंदा पानी आ रहा है और लोग इसे पीने को मजबूर हैं।
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6 महीने से बनी हुई है समस्या
पार्षद कुणाल सोलंकी ने बताया कि वार्ड 75 के कुमार भट्टी इलाके में बीते 6 महीने से नर्मदा की पाइपलाइन में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए वे गंदे पानी की बोतलों को उपहार के रूप में पैक करके जनसुनवाई में लाए हैं। सोलंकी के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान अपर आयुक्त ने उनसे मुलाकात की और उपहार स्वीकार किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पार्षद का कहना है कि धरातल पर अभी तक कोई वास्तविक काम नजर नहीं आ रहा है।
भागीरथपुरा जैसी स्थिति दोहराने से रोकने की चेतावनी
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने भी दूषित पानी की बोतल दिखाते हुए पालदा क्षेत्र के कुमार भट्टी की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर को इस तरह से पानी की समस्या के कारण प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में फिर से भागीरथपुरा जैसा दूषित जलकांड न दोहराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
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प्रशासन और व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना को बीते अभी कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल बातें कर रहे हैं। हकीकत यह है कि स्थानीय नागरिक आज भी दूषित जल पीने के लिए विवश हैं क्योंकि जल वितरण प्रणाली में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
जांच और टेस्टिंग के बाद दी जाएगी जल आपूर्ति
मामले को लेकर अपर आयुक्त आशीष पाठक ने जानकारी दी कि जिस क्षेत्र की शिकायत प्राप्त हुई है, वहां रात के समय जल आपूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि सोमवार को ही पाइपलाइन में लीकेज की समस्या को ठीक करने के लिए मेंटेनेंस का काम किया गया था। अपर आयुक्त के अनुसार, मंगलवार शाम को जल आपूर्ति शुरू करने से पहले पानी की सैंपलिंग और टेस्टिंग कराई जाएगी। यदि पानी की गुणवत्ता सही पाई जाती है तो ही सप्लाई शुरू होगी, अन्यथा क्षेत्रवासियों के लिए टैंकरों या अन्य साधनों से वैकल्पिक जल व्यवस्था की जाएगी।