फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: मुस्लिमों की तरह बैठ नहीं सके, ईसाई धर्म बताया तो परिवार के सामने गोलियों से भून दिया

Wed, 23 Apr 2025 02:27 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में इंदौर निवासी सुशील नथानियल की दर्दनाक मौत हो गई। आतंकियों ने उन्हें धर्म पूछकर गोली मारी। बेटी आकांक्षा घायल हुई हैं। शाम 5 बजे उनका शव एयरपोर्ट पर आएगा। 
विज्ञापन
1 of 3
परिवार के साथ दंपति - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन घाटी में मंगलवार दोपहर 2:45 बजे हुए आतंकी हमले में 27 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हमले में इंदौर के वीणा नगर निवासी सुशील नथानियल भी जान गंवा बैठे। सुशील अपनी पत्नी जेनिफर, बेटे आस्टन और बेटी आकांक्षा के साथ चार दिन पहले ही कश्मीर घूमने पहुंचे थे। सुशील आलीराजपुर स्थित एलआईसी की सैटेलाइट शाखा में कार्यरत थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून व्यवस्था) अमित सिंह ने सुशील की मौत की पुष्टि की है। घटना ने पूरे इंदौर शहर को गमगीन कर दिया है।


Indore News: सेल्फ स्टडी से UPSC फतह! इंदौर के योगेश और गार्गी ने किया नाम रोशन

ताजा जानकारी के मुताबिक 5.30 बजे सुशील के पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट पर लाएंगे। यहां सीएम मोहन यादव उन्हें श्रद्धांजलि देंगे और एयरपोर्ट से ढक्कन वाला कुआं स्थित सेंट पलोटी चर्च ले जाएंगे जहां अंतिम क्रिया की जाएगी। कलेक्टर आशीष सिंह और कई जनप्रतिनिधि सुबह से ही उनके घर पहुंच चुके हैं। 
विज्ञापन

2 of 3
कलेक्टर आशीष सिंह घर पहुंचे और परिजन से बातचीत की - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
धर्म पूछकर किया हमला, सुशील को बनाया निशाना
सुशील नथानियल के भाई विकास ने घटना का दिल दहला देने वाला विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने पहले सुशील को घुटनों के बल बैठाया और कलमा पढ़ने को मजबूर किया। जब उन्होंने खुद को ईसाई बताया, तो आतंकियों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी। इस हमले में सुशील की बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी है। हमले के दौरान सुशील ने अपनी पत्नी जेनिफर को छिपा दिया और खुद सामने आकर खड़े हो गए, जिससे उनकी पत्नी की जान बच सकी। जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, वहीं घायल आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
विधायक रमेश मेंदोला ने भी परिजनों से मुलाकात की - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
बेटा और पत्नी सुरक्षित, परिवार का मूल निवास जोबट
घटना के दौरान सुशील का बेटा आस्टन और पत्नी जेनिफर किसी तरह सुरक्षित बच निकले। परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश के जोबट का रहने वाला है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, हमले के बाद सेना और पुलिस की मदद से जेनिफर और आकांक्षा को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि आस्टन पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस हृदयविदारक घटना ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।


जेनिफर और आकांक्षा अस्पताल में भर्ती, पुलिस कर रही समन्वय
सेना द्वारा इंदौर पुलिस को भेजी गई मृतकों और घायलों की सूची के आधार पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने जानकारी दी कि आकांक्षा को पैर में गोली लगी है और जेनिफर हमले से बचने के दौरान गिरकर घायल हुई हैं। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क में है और हर संभव मदद की जा रही है।

धारा 370 हटने पर कश्मीर जाने का प्लान बनाया, पता नहीं था हालात इतने खराब हैं
मृतक सुशील के मामा के बेटे संजय कुमरावत अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सके और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा, "मेरा दोस्त जैसा भाई चला गया।  भैया-भाभी और उनके दोनों बच्चे जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे, इसकी जानकारी घरवालों को नहीं थी। सोमवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच एक दिल दहला देने वाली खबर मिली जब भतीजे ऑस्टिन का फोन आया। वह बेहद परेशान था, रो-रोकर कुछ बोल नहीं पा रहा था। दो बार फोन कट गया, लेकिन तीसरी बार जब उसने बात की तो बताया कि उसके पिता सुशील नथेनियल को आतंकवादियों ने गोली मार दी है। बहन आकांक्षा के पैर में भी गोली लगी है और मां-बेटा किसी तरह बच पाए हैं। यह सुनते ही पूरे परिवार के होश उड़ गए। उसे सरप्राइज देने की आदत थी, इसलिए उसने इस टूर के बारे में किसी को नहीं बताया। वह हमें लौटकर सरप्राइज देना चाहता था, लेकिन इस बार उसने समय गलत चुन लिया।" संजय ने आगे कहा कि 370 हटने के बाद से ही कश्मीर जाने की बात चल रही थी, लेकिन मौजूदा हालात अनुकूल नहीं थे। यदि सुशील ने पहले बताया होता तो वे उसे जाने नहीं देते।

ईसाई धर्म बताया तो तुरंत गोली मार दी
सुशील के छोटे भाई की पत्नी जैमा विकास ने बताया कि पूरा परिवार एक साथ कुछ समय बिताने के लिए कश्मीर गया था। हादसे के बाद बेटे ऑस्टिन ने फोन कर बताया कि आतंकियों ने सुशील से पूछा कि वह किस धर्म का है। जब परिवार चुप रहा तो आतंकी ने कहा- "कलमा पढ़ सकते हो?" सुशील ने परिवार को वहां से जाने के लिए कहा और फिर आतंकी ने उसे घुटनों पर बैठने को कहा। लेकिन जब वह मुस्लिमों की तरह नहीं बैठ सका, तो आतंकियों ने फिर पूछा कि वह किस धर्म का है। जैसे ही सुशील ने ‘ईसाई’ कहा, उसे गोली मार दी गई। इस हमले में आकांक्षा के पैर में भी गोली लगी और फायरिंग के बाद आतंकी फरार हो गए। 

मुख्यमंत्री बोले सरकार जवाब देगी 
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर कहा, "(आतंकी हमले में) एक इंदौर निवासी की दुखद मृत्यु हुई है। मैं बाबा महाकाल से कामना करता हूं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें। यह पाकिस्तान की कायराना हरकत है... पाकिस्तान और उसके पिछलग्गुओं की इस कायराना हरकत का जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है और हमारी सरकार भी बहुत अच्छे से प्लानिंग करके आगे बढ़ रही है... हम सब बाबा महाकाल से कामना करेंगे की आने वाले समय में ऐसी कोई कायराना हरकत ना हो..."
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें