योग्यता नहीं होने के बावजूद संविदा पर नियुक्त एक अधिकारी को भवन अधिकारी बनाए जाने पर लोकायुक्त में शिकायत हुई है। इस मामले में इंदौर की पूर्व निगामयुक्त आईएएस हर्षिका सिंह, स्मार्ट सिटी सीईअेा दिव्यांक सिंह खिलाफ लोकायुक्त ने जांच शुरू की है।
यह मामला दो साल पुराना है। तब सिंह इंदौर में निगमायुक्त थी। इस मामले में पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने लोकायुक्त में शिकायत की थी। लोकायुक्त ने प्रकरण जांच में लिया है। जिस सहायक यंत्री देवेश कोठारी को भवन अधिकारी बनाया गया है। उसके खिलाफ भी जांच होगी।
शिकायत में कौशल ने आरोप लगाया कि देवेश को स्मार्ट सिटी के कामों के लिए संविदा पर सिविल इंजीनियर के रुप में पदस्थ किया गया था, लेकिन योग्यता नहीं होने के बावजूद उन्हें भवन अधिकारी की जिम्मेदारी भी दी गई। कोठारी के डिजिटल हस्ताक्षरों से ढाई सौ से ज्यादा नक्शे पास हो गए।
कोठारी पर आरोप है कि जोन क्रमांक 13 का भवन अधिकारी बनाने के लिए उनके संविदा पर होने के तथ्यों को भी छिपाया गया। कौशल ने शिकायत में कहा कि कोठारी द्वारा मंजूर किए गए नक्शों की भी जांच होना चाहिए। इसकी शिकायत पूर्व में हर्षिका सिंह को भी की गई थी, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया।