मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इंदौर में लोन एप की वजह से बर्बाद हुए परिवार के मामले को गंभीरता से लिया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संकेत दिए हैं कि ऐसे लोन एप्स पर कार्रवाई होगी, जो रिजर्व बैंक की गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। इंदौर में अमित कुमार ने ऐसे ही एक एप से लोन लिया था और उसके बाद स्थितियां बिगड़ती चली गई। अमित ने पत्नी, दो बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली।
इंदौर में दो दिन पहले सागर के रहने वाले इंजीनियर अमित यादव ने पत्नी टीना और बच्चों याना व दिव्यांश की हत्या की। उसके बाद खुदकुशी कर ली। इसके एक दिन पहले ही उसने एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने लिखा कि 'मम्मी, मैं जा रहा हूं। मेरी जीने की आरजू है... लेकिन अब हालात ऐसे नहीं।' बुधवार को इस मामले में एक साथ चार अर्थियां उठी। दादा-नाना ने अपने नाती-पोते के शव को हाथ में उठाकर श्मशान तक ले गए। पंचकुइया मुक्तिधाम में अमित और पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया। बच्चे याना और दिव्यांश के शवों को दफनाया गया।
ऑनलाइन एप से ले रखा था लोन
अमित ने ऑनलाइन एप्स से लोन ले रखा था। किश्तें नहीं चुका पाया। इस वजह से उसे धमकाया जा रहा था। परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के आदेश के बाद पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने एसआईटी गठित की। एसीपी धैर्यशील येवले को टीम का नेतृत्व सौंपा गया है। मंगलवार को अमित ने तीन साल की बेटी, डेढ़ साल के बेटे और पत्नी को जहर देकर मार डाला। फिर खुद भी मुंह पर कपड़ा बांधकर फंदे पर झूल गया। अमित पर तीन लाख रुपये का कर्ज था।
इन एप्स से ले रखा था लोन
अमित यादव ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसने ट्रू बैलेंस, मोबी पॉकेट, मनी व्यू, स्मार्ट कॉइन और रफिलो से लोन ले रखा था। कुल तीन लाख रुपये का कर्ज था, जिसकी किस्तें वह नहीं चुका पा रहा था। उसने लिखा कि जीने की इच्छा मेरी भी है पर मेरे हालात अब ऐसे नहीं रहे। आदमी मैं बुरा नहीं हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है, मेरी ही है। मैंने कई ऑनलाइन एप से लोन ले रखा है। इज्जत के डर से यह कदम उठा रहा हूं। कृपा कर पुलिस मेरे परिवार जैसे मां-बाप, सास-ससुर को परेशान न करें। मैं ही दोषी हूं। मरने के बाद लोन चुकाने की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए मेरे परिवार का कोई भी सदस्य लोन की किश्तें जमा न करें।
गृहमंत्री बोले- साइबर शाखा को निर्देश दिए
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि आरबीआई की गाइडलाइन के पालन किए बिना जो लोन एप संचालित हो रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए साइबर सेल को निर्देश दिए हैं। जो एप गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की जगह जेल में होगी।
बदनाम करते हैं ऑनलाइन एप
ऑनलाइन एप्स पर लोन लेना आसान है, लेकिन किश्तें न चुकाने पर यह जीना मुहाल कर देते हैं। एप की वजह से उनके पास फोन में दर्ज सभी कॉन्टेक्ट तक पहुंच होती है। उनका व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर गाली-गलौज या अश्लील फोटो के जरिये बदनामी करने की धमकी दी जाती है। पिछले कुछ दिनों में देशभर में इस तरह की शिकायतें दर्ज हो रही हैं।