इंदौर के ड्रेनेज लाइन घोटाले को लेकर अब राजनीति गरमाने लगी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने अपने एक्स अकाउंट पर घोटाले से जुड़ा वीडियो जारी कर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले को मैं जनता के बीच लाया हुं,क्योकि मेरा इंदौर से लगावा है। मेरी पढ़ाई इंदौर में हुई है। नगर निगम के अफसर इंदौर नगर निगम को खोखला कर रहे है। 28 करोड़ रुपये से शुरू हुआ घोटाला 100 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है।
सफाईकर्मी इंदौर को साफ करते है, लेकिन भाजपा की नगर निगम परिषद घोटाले कर रही है। एक दिन में पांच-छह किलोमीटर ड्रेनेज लाइन डाल दी जाती है। पांच सौ चैंबर बन जाते है। बगैर काम किए पांच फर्मों के बिल तैयार हो जाते है। यह कैसे संभव है। इसके लिए सफाईकर्मी दोषी नहीं है,बल्कि वे अफसर दोषी है, जो नगर निगम को खोखला कर रहे है। मैं इंदौर की जनता से अपील करता हुं कि वे नगर निगम से भ्रष्टाचार समाप्त करें।
सफाई के बयान पर सिंगार को घेर चुके है मुख्यमंत्री और मेयर
इंदौर में गत दिनों कांग्रेस के नामांकन जुलूस के दौरान नेता प्रतिपक्ष सिंगार ने स्वच्छता रैंकिंग पर सवाल उठाते हुए ड्रेनेज घोटाले का जिक्र किया था। तब मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने इंदौर के नंबर वन आने पर सवाल उठाने के मामले में सिंगार को घेरा था और उसके बयान को इंदौर के स्वच्छता कर्मियों का अपमान बताया था।
दूसरे दिन मुख्यमंत्री भाजपा की नामांकन रैली में शामिल होने इंदौर आए थे तो भाषण के दौरान सिंगार के बयान पर कहा था कि नेता प्रतिपक्ष ने इंदौर की जनता का अपमान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता रैंकिंग शुरू कराई। उसके बाद से शहर साफ रहने लगा। सिंगार के बयान पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस मामले में उनकी मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है। घोटाले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।