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Indore: इंदौर की नई रिंग रोड में आ रही 25 गांवों की जमीन, अधिग्रहण में देरी से शुरू नहीं हो पाया काम

Tue, 10 Feb 2026 08:25 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के नए बायपास से  महू और पीथमपुर जुड़ेंगे। इसके निर्माण से महू, पीथमपुर और देवास के ग्रामीण क्षेत्र इंदौर के और करीब आ जाएंगे। इसके  आसपास बसाहट शुरू हो जाएगी। नया बायपास 70 किलोमीटर का बनेगा। इस पर चार हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इंदौर को मिलेगा नया बायपास। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर के पश्चिमी बायपास का निर्माण अभी भी शुरू नहीं हो पाया है, जबकि निर्माण की मंजूरी केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तीन साल पहले दी थी। 70 किलोमीटर लंबी इस सड़क में 25 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। अभी तक पांच गांवों की जमीन ही प्रशासन अधिगृहित कर पाया है। अधिग्रहण प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण इस रिंग रोड के काम का मुर्हूत नहीं निकल पा रहा है,जबकि इस सड़क का निर्माण सिंहस्थ से पहले होना है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को उज्जैन जाने में परेशानी न हो पाए।

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यह सड़क डकाच्या गांव से होते हुए महू और पीथमपुर को जोड़ेगी। इसके निर्माण से महू, पीथमपुर और देवास के ग्रामीण क्षेत्र इंदौर के और करीब आ जाएंगे। मार्ग के आसपास बसाहट शुरू हो जाएगी। 70 किलोमीटर मार्ग के निर्माण पर चार हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सड़क में1131 हेक्टेयर जमीन अधिगृहित होना है। इसमें 40 हेक्टेयर वन विभाग की जमीन है।
 

पूर्वी बायपास 38 गांवों से होकर गुजरेगा। यह छहलेन बनेगा। दस साल पहले भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नए पूर्वी बायपास का सर्वे किया था, लेकिन बाद में पुराने बायपास को ही चार लेन से छहलेन करने का काम शुरू हो गया था। इसके बाद नए बायपास के निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी।

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सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि जितनी जमीन मिल चुकी है, वहां बायपास निर्माण शुरू करने के लिए अफसरों को कहा गया है। इस बायपास के बनने से देवास, महू, पीथमपुर को भी फायदा होगा।

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ट्रैफिक का दबाव कम होगा

- रियल इस्टेट मार्केट में तेजी आएगी। नई टाउनशिप और उद्योग खुल सकेंगे।

- सड़क के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का व्यवस्थित विकास होगा। मास्टर प्लान की आंतरिक सड़कें बनेंगी।

- दिल्ली और मुबंई की तरफ जाने वाले वाहन इंदौर के बजाए सीधे बायपास से देवास और मानपुर की तरफ जा सकेंगे।

-वर्तमान पूर्वी बायपास पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। हादसों पर भी रोक लगेगी।

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