दान पुण्य के नाम पर कई कार्य किए जाते हैं। कुछ लोग मृत्युपरांत नेत्रदान करते हैं, तो कुछ लोग देहदान। समाजसेवा के साथ मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए 58 वर्षीय सीमा चावला के देहदान करने के संकल्प को चावला परिवार ने पूरा किया।
समाज के लिए मानव की मानवता इतनी अच्छी है कि वह आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल बन गई है। जिंदगी के बाद भी देहदान की प्रति लोगों को जागरूक करने पहल को आगे बढ़ाने की पहल चावला परिवार ने की है। सीमा चावला एच 82 एमआईजी इंदौर निवासी के निधन के पश्चात उनके पुत्रों ने महिर्षि देहदान समिति से संपर्क किया। पुत्र डॉ. कपिल एवं केतन चावला ने अपनी माता के देहदान की प्रक्रिया के लिए समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर व्यास और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के आरसी यादव एवं देहदान अधिकारी राज गोयल से संपर्क किया। मृत देह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जीएस पटेल और एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. विमल मोदी को सौंपी।