गणेश प्रतिमा काॅॅलोनी मेें ही विसर्जित करते रहवासी।
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अनंत चतुदर्शी पर घर-घर विराजे गणेश को दस दिनों के बाद विदाई दी गई। दस दिनों तक बप्पा की आराधना करने के बाद उन्हें विसर्जित करने भक्तों के लिए भावुक पल थे, लेकिन अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे के साथ गणेश प्रतिमाएं तालाब, पोखरों या घर में बने कुंड मेें विसर्जित की गई। शुभ मुर्हूत में सुबह से शुरू हुआ गणेश प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला शाम तक जारी रहा।
नगर निगम ने हर जोन के हिसाब से शहर मेें 25 स्थानों पर काउंटर बनाकर रखे थे। यहां अस्थाई कुंड बने थे और वाहनों मेें गणेश प्रतिमाएं रखी जा रही थी। ज्यादातर परिवारों ने गणेश प्रतिमाएं काउंटरों पर रखी। सभी काउंटरों से प्रतिमा एकत्र करने के बाद इनका विसर्जन नगर निगम द्वारा विधि विधान के साथ सुपर काॅरिडोर के तालाब में किया जाएगा।
शहर के मोहल्लों, काॅलोनियों और टाउनशिपों में सार्वजनिक रुप से गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई । कई समितियों ने मिट्टी के गणेश बनाए और पांडालों में ही प्रतिमा पर पानी डालकर विसर्जित किया गया, तो कई समितियों के पदाधिकारी गणेश प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए शिप्रा या नर्मदा नदी ले गए।
कई समितियों ने गणेश विसर्जन से पहले प्रसाद के लिए चलित भंडारे का आयोजन भी किया। मिलों की गणेश प्रतिमाएं झांकियों के साथ रहेगी और समितियां उन्हें बुधवार को ठंडा करेगी।