कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताने वाले मोहन सरकार के काबिना मंत्री विजय शाह के मामले में बुधवार देर रात प्रकरण दर्ज होने के बाद दूसरे ही दिन इंदौर जिले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी। मानपुर में हुए हलमा आयोजन के भाषण के पूरे फुटेज एकत्र किए गए हैं। पुलिस अफसर भी खुलकर कुछ भी कहने से इस मामले में बच रहे हैं, लेकिन 'अमर उजाला' से चर्चा में कहा कि जांच के बाद प्राप्त तथ्यों के आधार पर दर्ज हुए प्रकरण में धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
हाईकोर्ट मेें गुरुवार को विजय शाह मामले में सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने दर्ज किए प्रकरण पर भी सवाल उठाए थे और कहा था कि दर्ज एफआईआर इस तरह के कंटेंट के साथ लिखी गई है जो चुनौती देने पर ही निरस्त हो जाए। कोर्ट ने आदेश में बताए गए कंटेंट के अनुसार एफआईआर दर्ज करने को भी कहा था, लेकिन इस मामले में अफसर गुरुवार रात तक खुलासा करने से बचते नजर आए। अफसर ने बस यही कहा कि कोर्ट ने जो तथ्य बताए हैं। उसे विवेचना डायरी में जोड़ा जाएगा।
ये भी पढ़ें- कर्नल सोफिया पर बदजुबानी कर बुरे फंसे मंत्री, FIR से लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार तक; क्या-क्या हुआ
आरोपी के बजाए नाम के आगे लगाया श्री
मानपुर पुलिस ने मंत्री शाह के खिलाफ जो प्रकरण दर्ज किया है। उसमें न तो विजय शाह के आगे आरोपी लिखा गया और न ही उनके बयान का उल्लेख कर धार्मिक वैमनस्य फैलाने की बात का जिक्र किया गया। शाह के नाम के आगे आरोपी के बजाए श्री लगाया गया।
ये भी पढ़ें-मंत्री शाह पर कब होगी कार्रवाई: कांग्रेस के सवालों पर बोले सीएम मोहन यादव, न्यायालय के आदेश का हो रहा पालन
जो काम भाजपा और सरकार को करना था, वो कोर्ट ने किया
मानपुर थाने में दर्ज हुए प्रकरण को लेकर इंदौर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो काम भाजपा संगठन और सरकार को करना चाहिए था। वो हाईकोर्ट ने किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतागणों में होड़ मची है कि हर मामले को हिंदू-मुस्लिम में बदला जाए। कर्नल सोफिया को आपरेशन सिंदूर की जानकारी देने का काम क्यों सौंपा गया। मंत्री विजय शाह की वाणी से यह बात सामने आई है। भाजपा सरकार उन्हे बचाने में लगी है।