दस माह से इंदौर में पदस्थ पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर बीएसएफ आईजी बनाए गए है। प्रदेश सरकार ने पांच साल के लिए उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजा है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के मामले में केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर दिया है।
देउस्कर को बीएसएफ आईजी बनाए जाने के बाद इंदौर पुलिस कमिश्नर की कुर्सी खाली हो गई है। इंदौर पुलिस कमिश्नर बनने के लिए कई अफसरों ने भोपाल में जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। बताते है कि देउस्कर की खुद की इच्छा थी कि उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाए।
दस माह पहले उन्होंने इंदौर पुलिस आयुक्त की कुर्सी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान कोई बड़े अपराध तो नहीं हुए़, लेकिन अपराधों पर लगाम भी नहीं लगी। मकरंद ने इंदौर में नशे के खिलाफ अभियान चलाकर नशे का कारोबार करने वाले कई लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा।
उनके कार्यकाल में विधानसभा चुनाव भी संपन्न हुए, हालांकि इंदौर में चोरी और लूट के मामलों में लगाम नहीं लग पाई। जनप्रतिनिधियों से भी उनकी पटरी ज्यादा नहीं बैठी। पलासिया थाने पर बजरंग दल कार्यकर्ताअेां पर हुए लाठीचार्ज के कारण भी वे हिन्दूवाद संगठनों के निशाने पर रहे।