इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ल्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के इंदौर चैप्टर का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चैप्टर का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य बन रहा है। सरकार की नीतियां रोजगार और उद्योग दोनों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। इस मौके पर इंदौर चैप्टर के नवनियुक्त पदाधिकारियों तपन शर्मा, नमन अग्रवाल, अक्षय गुप्ता एवं खुशबू सेठिया ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के बारे में जानकारी दी। पदाधिकारियों ने बताया कि इंदौर चैप्टर की शुरुआत होते ही इसमें 800 उद्योगपतियों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जल्द ही मप्र में इसके और भी चैप्टर शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में उद्योगपतियों को प्रदेश की उद्योग नीति और औद्योगिक विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन क्षेत्रों में अग्रणी है, जो उद्योगों के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी पर सोलर पैनल से भी बिजली बनाई जा रही है। साथ ही पानी से एनर्जी के भी स्रोत मजबूत हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के नए सेक्टर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसमें धार्मिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंता नागेश्वरन ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत का विदेशों के साथ व्यापार लगातार बढ़ रहा है।
फोरम के संस्थापक एवं ग्लोबल कोऑर्डिनेटर स्वामी विज्ञानानंद ने फोरम का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज का हित चाहने वाले उद्योगपतियों को एक मंच पर लाना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। स्वामी विज्ञानानंद ने ‘स्वागत एवं संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं, प्रोफेशनल्स और उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि समाज को केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। स्वामी ने कहा कि व्यक्ति को अपनी प्रतिभा, कौशल और क्षमता का उपयोग केवल किसी दूसरे के व्यवसाय को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपनी क्षमताओं में निवेश कर स्वयं का उद्यम और आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “आप अपनी प्रतिभा और कौशल का निवेश किसी और के लिए पैसा बनाने में क्यों कर रहे हैं? अपने टैलेंट को अपने स्वयं के व्यवसाय साम्राज्य के निर्माण में लगाइए।” उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त समाज के निर्माण के लिए अधिक से अधिक लोगों को उद्यमिता, संपदा निर्माण और रोजगार सृजन की दिशा में आगे आना होगा। कार्यक्रम के दौरान इंदौर एवं मालवा में हिन्दू इकोनॉमिक फोरम की आगामी गतिविधियों, उद्देश्यों और कार्ययोजना को लेकर भी जानकारी साझा की गई।
आर्थिक शक्ति को सामाजिक समृद्धि का आधार बनाने का आह्वान
आईआईटी खड़गपुर से ग्रेजुएट एवं वर्ल्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक स्वामी विज्ञानानंद पिछले वर्षों से विश्वभर के उद्योगपतियों, उद्यमियों, निवेशकों, बैंकर्स, प्रोफेशनल्स, अर्थशास्त्रियों एवं शिक्षाविदों को एक साझा मंच से जोड़ने के प्रयास में सक्रिय हैं। वर्ल्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम का उद्देश्य आर्थिक ज्ञान, अनुभव, विशेषज्ञता और संसाधनों के आदान-प्रदान के माध्यम से संपदा निर्माण और उसके व्यापक सामाजिक उपयोग को बढ़ावा देना है। इसकी अवधारणा का मूल मंत्र “धर्मस्य मूलम् अर्थः” है। इसी भावना के अनुरूप हिन्दू इकोनॉमिक फोरम स्थानीय स्तर पर उद्योग एवं व्यापार जगत को “साथ बढ़ें, साथ बांटें” की भावना से जोड़ते हुए सहयोग, नेटवर्किंग, ज्ञान-विनिमय और नए आर्थिक अवसरों का मंच उपलब्ध कराता है। भारत में 19 से अधिक हिन्दू इकोनॉमिक फोरम चैप्टर्स के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और विभिन्न आर्थिक हितधारकों को व्यापक नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
दिसंबर में मुंबई में होगा वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस 2026
इस अवसर पर स्वामी विज्ञानानंद ने वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस 2026 की भी जानकारी दी। चार वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला यह वैश्विक सम्मेलन 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। सम्मेलन में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, मीडिया, संगठन, महिला एवं युवा नेतृत्व सहित विभिन्न विषयों पर वैश्विक स्तर पर विचार-विमर्श होगा। वर्ष 2026 के आयोजन की थीम “साझी प्रतिबद्धता : सामूहिक संकल्प” है।