होलकर साइंस कॉलेज में गणपति विसर्जन विवाद के बाद करणी सेना और एबीवीपी के छात्र आमने-सामने आ गए। परिसर में नारेबाजी और तनाव के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मारपीट में घायल छात्रों के मामले में कॉलेज ने निलंबन कार्रवाई भी की है।
इंदौर के शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में सोमवार को एक बार फिर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। हाल ही में आयोजित गणपति विसर्जन समारोह के दौरान हुए विवाद की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि कॉलेज परिसर में करणी सेना और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्र कार्यकर्ता एक बार फिर आमने-सामने आ गए। दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल निर्मित हो गया।
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पुलिस बल की तैनाती
विवाद की गंभीरता और छात्रों के आमने-सामने आने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। भंवरकुआं पुलिस सहित आसपास के थानों का भारी पुलिस बल तत्काल कॉलेज परिसर में पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया और समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। एहतियात के तौर पर और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से पूरे कॉलेज परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फिलहाल पुलिस की कड़ी निगरानी में स्थिति नियंत्रण में रही।
गणपति विसर्जन के दौरान मारपीट से शुरू हुआ था मामला
दरअसल, यह पूरा मामला कुछ दिन पहले आयोजित गणपति विसर्जन चल समारोह से शुरू हुआ था। समारोह के दौरान छात्रों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। देखते ही देखते यह बहस हिंसक रूप ले बैठी और पार्किंग एरिया में बेल्टों तथा डंडों से जमकर मारपीट हुई। इसके बाद मामला यहीं नहीं रुका और हमलावर छात्र कंप्यूटर लैब तक पहुंच गए, जहां फिर से झड़प हुई। इस हिंसक घटनाक्रम में बीएससी और एमएससी के कई छात्र घायल हो गए थे, जिनका इलाज कराया गया।
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कॉलेज प्रबंधन ने की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत अनुशासन समिति की एक आपातकालीन बैठक बुलाई थी। जांच प्रक्रिया के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने मामले में संलिप्त पाए गए कुछ उपद्रवी छात्रों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही निलंबन की अवधि के दौरान इन छात्रों के कॉलेज परिसर में प्रवेश करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन और पुलिस प्रशासन दोनों ही मिलकर पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रहे हैं तथा आगे की कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।