भमोरी क्षेत्र में डिवाइडर तोड़ना पड़े।
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इंदौर में शुक्रवार को आधा इंच बारिश हुई,लेकिन उसे भी शहर के कई हिस्से झेल नहीं पाए। कई जगह जलजमाव हुआ। सड़कों पर भी पानी भर गया। कई मार्गों पर स्टाॅर्म वाटर लाइन नहीं है और डिवाइडर भी गलत बना दिए। गलती समझ अाने पर अफसरों ने शनिवार को भमोरी क्षेत्र के डिवाडरों में पानी आने-जाने के लिए दो फुट चौड़े छेद किए।
इंदौर में अब मानसून दस्तक देने वाला है, लेकिन उसके हिसाब से क्या तैयारियां है। इसकी पोल शुक्रवार को खुल गई। आधा इंच बारिश मेें ही भमोरी, विजय नगर, पलासिया चौराहा, हेमू कालानी तिराहा, माणिक बाग ब्रिज के पास जलजमाव हो गया। सुदामा नगर की कुछ गलियों में भी पानी भर गया।
शहर में 20 साल पहले जो सड़कें बनी है। उसमें स्टाॅर्म वाॅटर लाइन ही नहीं बिछी गई। जिन नई सड़कों में लाइन बिछी है, उसकी पर्याप्त सफाई नहीं होती। इस कारण पानी सड़कों पर ही जमा रहता है, हालांकि इस साल कुछ मार्गों पर स्टाॅर्म लाइन की सफाई शुरू हुई, लेकिन तैयारिया नाकाफी है।
नालों की गाद भी नहीं निकली
शहर मेें 30 छोटे-बड़े नाले है, लेकिन इस साल नालों की गाद भी ठीक से नहीं निकल पाई है। कृष्णपुरा छत्री, रामबाग, कुलकर्णी भट्टा, भमोरी क्षेत्र में नालों में अभी भी गाद नजर आ रही है। जब शहर में एक साथ चार-पांच इंच बारिश होती है तो फिर नालों का पानी बस्तियों में भर जाता है और लोगों को घर छोड़कर जाना पड़ता है।
पिछले साल 20 से ज्यादा बस्तियों में पानी भर गया था। मेयर पुष्य मित्र भार्गव का कहना है कि जलजमाव वाले स्थान हमनें चिन्हित किए है। वहां हम वाटर रिचार्जिंग बना रहे है। इसके अलावा कई स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था भी गई है।