मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव रहे मिलिंद कनमड़ीकर का रविवार को निधन हो गया। वाहन की टक्कर लगने से वे घायल हुए थे और 14 जनवरी से वे एक निजी अस्प्ताल में भर्ती थे। उनके निधन से इंदौर के क्रिकेट जगत में शोक छाया है। टक्कर के बाद उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर टक्कर मारने वाले वाहन की खोजबीन शुरू कर दी है। शव को भी पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।
उनके साथ हादसा उस वक्त हुआ था, जब वे 14 जनवरी को टी-20 मैच समाप्त होने के बाद रात को होलकर स्टेडियम से महालक्ष्मी नगर स्थित अपने घर जाने के लिए निकले थे। वे बांबे अस्पताल चौराहे पर पहुंचे तो रिक्शा चालक ने काॅलोनी तक जाने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद वे पैदल ही घर के लिए निकल गए, लेकिन किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। वे सड़क पर गिरे और गंभीर चोट आई, लेकिन वे घर तक पैदल चले गए। रात भर वे सोए और सुबह अचानक उनकी हालत ज्यादा खराब होने लगी। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। सिर की गंभीर चोट के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन रविवार को उनकी मौत हो गई।
कनमड़ीकरण एमपीसीए सचिव 5 साल रहे। तब लोढ़ा समिति की रिपोर्ट के बाद संजय जगदाले एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया को हाईकोर्ट के आदेश के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा था, 2017-2019 का वक़्त बिना अध्यक्ष एवं चेयरमैन का निकाला था।
वे दो वर्ष तक एमपीसीए के सह सचिव भी रहे। बीसीसीआई की न्यू एरिया डेवलपमेंट समिति के सदस्य रहे। इसके अलावा राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर जब बीसीसीआई ने जब एक समिति बनायी तब उसमे भी उन्हें सदस्य बनाया गया था। 2011 में आईसीसी के चैम्पियंस लीग क्रिकेट में दक्षिण अफ़्रीका की फ्रैंचाइज़ केप कोबरा का लायसन ऑफिसर भी उन्हें बनाया गया था। 2019 में न्यूज़ीलैंड दौरे पर भारत ए टीम का मैनेजर भी मिलिंद बने थे।