इंदौर में धर्मांतरण के मामले में जिला कोर्ट ने एक बच्चे की मां सहित तीन आरोपियों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। अपने पति को छोड़कर आई महिला के साथ रहने वाले आरोपी इलियास अहमद ने महिला के नाबालिग बेटे का खतना कराया और उसे उसे मदरसे में भेजा जा रहा था।
आरोपी ने बच्चे और उसके पिता के नाम का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी बनवा लिया था। पति की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। तब बच्चे के धर्मांतरण करने का खुलासा हुआ था। इस मामले में बच्चे की मां प्रार्थना और आरोपी इलियास के रिश्तेदार मोहम्मद जफर अली को भी सजा हुई है।
वर्ष 2018 में अनाज व्यापारी महेश नाहटा अपनी पत्नी और बच्चे को शाजापुर में एक समारोह में लेकर आए थे। लौटते समय पत्नी और बेटा बस से लापता हो गए। महेश ने रतलाम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि प्रार्थना इंदौर निवासी इलियास के साथ गई है। पुलिस ने इलियास को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया।
महेश जब अपने बेटे को लेने पहुंचा तो बेटे के धर्मांतरण का पता चला। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की मां और एक अन्य युवक को भी आरोपी बनाया। आरोपी ने महेश को धमकाया भी था। उसने कहा था कि पांच लाख रुपये की व्यवस्था कर लो। इसके बाद पत्नी और बच्चे को छोड़ दूंगा। महेश ने डेढ़ लाख रुपये की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन आरोपी इलियास ने पत्नी और बच्चे को नहीं भेजा। इसके बाद महेश ने पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद कोर्ट ने बच्चे को पिता के सुपुर्द करने के निर्देश दिए थे।