मध्य प्रदेश के भोपाल में 24 और 25 जनवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) आयोजित होने वाली है और इसे लेकर इंदौर में भी जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। इस समिट में देश-दुनिया के कई बड़े उद्योगपति और वीआईपी शामिल होंगे, जिन्हें इंदौर के आसपास के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर ले जाने की योजना बनाई गई है। ओंकारेश्वर, मांडव, उज्जैन जैसे प्रमुख स्थलों पर विशेष साज-सज्जा की जा रही है और विदेशी मेहमानों व देश के प्रमुख उद्योगपतियों के लिए विशेष वाहनों की भी व्यवस्था की जा रही है। उज्जैन, ओंकारेश्वर और मांडव जैसे स्थानों पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग की सुविधाओं को विकसित करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
महाकाल, ओंकारेश्वर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आएंगे चार्टर प्लेन
कई वीआईपी अपने विशेष विमानों से इस समिट में शामिल होने के लिए आ रहे हैं, जिसके चलते इंदौर एयरपोर्ट को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। भोपाल एयरपोर्ट 24 घंटे खुला रहता है और वहां पार्किंग की पर्याप्त सुविधा है, लेकिन किसी भी आकस्मिक स्थिति में बेहतर सेवाएं देने के लिए इंदौर एयरपोर्ट को भी तैयार रखा गया है। अगर भोपाल में पार्किंग की कमी होती है तो वीआईपी मेहमानों के विमानों को इंदौर में पार्क किया जाएगा। इंदौर एयरपोर्ट पर कुल 26 विमानों की पार्किंग की सुविधा है, जिससे भोपाल में अधिक विमान आने की स्थिति में वहां उतारे गए मेहमानों के विमानों को इंदौर में रखा जा सकेगा। इसे लेकर प्रशासन ने एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अधिकारियों के अनुसार, समिट के आखिरी दिन 25 फरवरी को समापन के बाद कई बड़े वीआईपी उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए आ सकते हैं। इस वजह से इनके चार्टर विमानों का भोपाल से इंदौर आना तय माना जा रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए इंदौर एयरपोर्ट पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिसमें विमानों की पार्किंग से लेकर वीआईपी मेहमानों के स्वागत तक की तैयारियां शामिल हैं।
पिछली बार 32 प्राइवेट जेट और चार्टर आए थे
पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। दो साल पहले जब इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित हुई थी, तब पांच दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर वीआईपी मेहमानों के लिए 32 प्राइवेट जेट और चार्टर प्लेन आए थे। यह पहली बार हुआ था जब इंदौर एयरपोर्ट पर एक ही रात में 14 से अधिक विमानों को पार्क किया गया था। इस बार भी एयरपोर्ट पर ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर छोटी से छोटी व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।