शहर के लसूड़िया क्षेत्र से एक फर्जी आईएएस अधिकारी पकड़ा गया है। वह आईएएस अधिकारी होने का रौब गांठकर होटल का बिल नहीं चुकाने की कोशिश कर रहा थ, लेकिन इसी दौरान उसके फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। उसने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। उसने अपनी कार के लिए ड्राइवर भी रखा था। वह कोशिश में रहता था कि बगैर तनख्वाह दिए ड्राइवर उसकी कार चलाए। इसके लिए उसने कुछ ड्राइवरों को बुलाकर होटल में पार्टी भी दी थी।
आरोपी का असली नाम हिमांशु पांचाल है, लेकिन वह खुद को आईएएस राज सोनी, जिला कलेक्टर बताता था। ड्राइवरों को वह सरकारी नौकरी लगाने का प्रलोभन भी देता था। पुलिस ने गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। यह भी पता चला है कि आरोपी ने गुजरात में भी कई लोगों को ठगा था और अब इंदौर आकर लोगों को शिकार बना रहा था। पुलिस उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
हिमांशु अविवाहित है। उसने कई मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर भी अपने बायोडेटा में आईएएस अधिकारी होने का जिक्र किया था। रिश्ते की बात करने के दौरान भी वह खुद को आईएएस बताता था। पुलिस को पता चला है कि उसके खिलाफ इसी साल गुजरात के अडालज थाने में भी केस दर्ज हुआ था।
एक माह पहले आया था इंदौर
आरोपी एक माह पहले रहने के लिए इंदौर आया था। उसने घर के बाहर आईएएस की नेमप्लेट लगाई थी और घर के भीतर अशोक चक्र की फोटो लगा रखी थी। जब पुलिस उसके घर पहुंची तो वह रौब झाड़ने लगा और कहा कि वह गुजरात कैडर का आईएएस है, लेकिन सख्ती बरतने के बाद उसने सच बता दिया। आरोपी हिमांशु रौब जमाने के लिए अंग्रेजी झाड़ता भी करता था और ज्यादातर समय सफेद शर्ट पहनकर रखता था, ताकि वह पहनावे और बोलचाल से आईएएस अधिकारी लगे।