संपत्ति कर जमा नहीं करने के मामले में इंदौर में नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी, बिल कलेक्टर एक व्यापारी को गोदाम बंद करने की धमकी दे रहे थे। वे कार्रवाई नहीं करने के एवज में रिश्वत मांग रहे थे।
ईओडब्ल्यू ने दोनों रिश्वतखोर अफसरों को रंगे हाथों पकड़ा।नगर निगम जोन-19 में दोनों रिश्वतखोर पदस्थ थे। अब उन्हें निलंबित करने की तैयारी की जा रही है।दोनों रिश्वतखोरी रंगेहाथ पकड़ी गए है।
सहायक राजस्व अधिकारी पुनीत अग्रवाल और बिल कलेक्टर रोहित सावले के पास संपत्ति कर कलेक्शन का काम है, जो लोग टैक्स नहीं भरते है,उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार भी अग्रवाल को था। इस बात का फायदा दोनों उठा रहे थे और बकायदारों को उनके संस्थान सील करने की धमकी दे रहे थे।
इन दोनों अधिकारियों ने स्क्रैप व्यापारी संतोष सिलावट से गोदाम सील न करने के एवज में पचास हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। व्यापारी ने ईओडब्लू के अफसरों को शिकायत की। इसके बाद अफसरों ने रिश्वत के साथ दोनों अफसरों को पकड़ने की योजना बनाई। चालीस हजार रुपए लेकर सिलावट दफ्तर गए।
जैसे ही अग्रवाल ने रुपए लिए, टीम ने छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब अफसर यह भी पता लगा रहे है कि आरोपियों ने और किन किन लोगों से रिश्वत ली। निगम में रिश्वत लेने का इस हफ्ते यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक सफाई दरोगा को भी लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है।