इंदौर से देवास जाने वाले मुख्य मार्ग को एक महीने के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यहां से रोज हजारों वाहन दिन रात देवास की तरफ जाते हैं। देवास नाके पर बन रहे ओवरब्रिज के लिए इसे बंद किया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने एक महीने के अंदर इस ब्रिज को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ट्रैफिक डायवर्ट करने से जो जाम लग रहा है उसे संभालने के लिए 25 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद यहां पर सुबह और शाम को लंबा जाम लग रहा है। जिन रहवासी क्षेत्रों से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है, वहां पर भी जाम की स्थिति लगातार बनी हुई है।
विजय नगर से देवास रोड तक मिलेगी जाम से मुक्ति
इंदौर में यातायात को सुगम और जाममुक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इनमें देवास नाका चौराहा पर बन रहा छह लेन का यह ओवरब्रिज बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बनने के बाद विजय नगर से देवास रोड तक के क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। पिछले दो साल से यहां पर ट्रैफिक का लोड लगातार बढ़ रहा है और उसी को देखते हुए यहां पर यह ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया था। देवास नाका इंदौर के सबसे व्यस्त और कमर्शियल क्षेत्रों में से एक है, जहां भारी वाहनों (ट्रकों, ट्रांसपोर्ट वाहनों) और रोजाना आने-जाने वाले हजारों नागरिकों के कारण अक्सर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इस फ्लाईओवर के बनने से वाहन चालकों को सिग्नल-फ्री आवागमन मिलेगा। ब्रिज पर अधिकांश गार्डर लॉन्च किए जा चुके हैं और सर्विस रोड तथा अन्य हिस्सों का काम तेजी से चल रहा है।
आंकड़े
80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है ब्रिज का।
6 लेन फ्लाईओवर का निर्माण लगभग 72 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
900 मीटर लंबाई और 26.5 मीटर चौड़ाई है इस ब्रिज की।
मार्च में पूरा होना था कार्य
हालांकि शुरुआती योजना के अनुसार इसे मार्च 2026 तक पूरा होना था, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और अन्य कारणों से इसमें कुछ विलंब हुआ। अब निर्माण एजेंसी और प्रशासन का लक्ष्य दिसंबर अंत या नव वर्ष (जनवरी 2027) तक इसे पूरी तरह से आम जनता के लिए शुरू करने का है। एक महीने में ब्रिज का काम पूरा हो जाएगा और अन्य कार्यों के बाद जनवरी तक यहां से आवागमन शुरू हो जाएगा।
वर्तमान यातायात डायवर्जन और व्यवस्था
निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए यातायात पुलिस और प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं। देवासनाका से मांगलिया की ओर जाने वाले रास्ते पर काम के दौरान यातायात को न्यू लोहा मंडी और एमआर-11 (MR-11) जैसे वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है। चौराहे पर सुचारू ट्रैफिक संचालन के लिए पुलिस बलों के साथ-साथ निजी गार्ड्स और ट्रैफिक मार्शल्स भी तैनात किए गए हैं ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
ट्रांसपोर्ट व्यापारियों को मिलेगी राहत
इस ओवरब्रिज के शुरू हो जाने से इंदौर-देवास मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के साथ माल वाहक ट्रांसपोर्टर्स का काफी समय बचेगा और देवास नाका क्षेत्र को हमेशा के लिए जाम से राहत मिलेगी। यहां पर लोहा मंडी है और ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले कई बड़े कारोबारी रहते हैं। इसके साथ देवास नाका क्षेत्र में कई जगह उद्योगों को जमीनें दी गई हैं। बड़े स्तर पर यहां कई कंपनियां काम करती हैं। ब्रिज के बनते ही उन सभी को बड़ी राहत मिलेगी।