फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिंहस्थ विशेषः 157 दिन तक बंद हुआ ऐतिहासिक संग्रहालय, 12 करोड़ रुपए से जुट रही अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं

Thu, 29 Oct 2026 06:54 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम कल से अगले 157 दिन के लिए पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। पौने बारह करोड़ रुपए की लागत से इसके आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है।
विज्ञापन
संग्रहालय को संवारने का काम शुरू हुआ। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर के केंद्रीय संग्रहालय यानी सेंट्रल म्यूजियम को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस सप्ताह से यह संग्रहालय अगले 157 दिन के लिए पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। यह निर्णय यहां चल रहे विकास और सौंदर्यीकरण के कामों में तेजी लाने के उद्देश्य से लिया गया है। पर्यटन विभाग की मांग पर पुरातत्व विभाग ने यह बड़ा कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर 12.75 करोड़ रुपए की लागत आ रही है, जिसके तहत पिछले कई महीनों से जीर्णोद्धार का काम चल रहा है।
विज्ञापन


सिंहस्थ से पहले अंतरराष्ट्रीय मानकों पर होगा तैयार
राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा प्रदेश के कई ऐतिहासिक स्मारकों और संग्रहालयों का संरक्षण कार्य किया जा रहा है। इंदौर के सेंट्रल म्यूजियम में भी बाहरी बाउंड्रीवाल के निर्माण के साथ-साथ कई आंतरिक कार्य प्रगति पर हैं। काम कर रही एजेंसी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए म्यूजियम को कुछ समय हेतु पूरी तरह बंद रखने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। आगामी आदेश यानी संभवतः 31 मार्च 2027 तक यह पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस बंदी का मुख्य लाभ यह होगा कि आंतरिक कार्य तीव्र गति से पूरे हो सकेंगे और आगामी सिंहस्थ से पहले यह संग्रहालय अंतरराष्ट्रीय मापदंडों की सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर तैयार हो जाएगा।

एक साथ कई विकास कार्य किए जा रहे हैं संचालित
संग्रहालय के सौंदर्यीकरण की शुरुआत बाउंड्रीवाल के निर्माण से हुई थी, जिसके बाद यहां लिफ्ट, बाथरूम, कैफेटेरिया, स्टोर और रैंप समेत कई निर्माण कार्य शुरू किए गए। इन विकास कार्यों के तहत कुछ बंद पड़ी गैलरी भी बिल्कुल नए स्वरूप में पर्यटकों को देखने को मिलेंगी। कार्य पूर्ण होने के पश्चात संग्रहालय को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे पर्यटक यहां रखी प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ सिक्कों और अन्य ऐतिहासिक विरासतों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। मालवा-निमाड़ क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर, शॉवेनियर शॉप, आधुनिक डिस्प्ले, आकर्षक लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे, नवीन तकनीक आधारित सूचना केंद्र, रेस्ट रूम और सुंदर गार्डन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा ऑडिटोरियम और एक्जीबिशन हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है तथा विरासतों के सुरक्षित रखरखाव के लिए स्टोरेज रूम को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
विज्ञापन


पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय
विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की तरफ से संग्रहालय को बंद करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिसे उच्च मुख्यालय भेजा गया था। वर्तमान में पर्यटकों की लगातार आवाजाही के कारण अंदर चल रहे निर्माण कार्यों की गति काफी धीमी हो रही थी और साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी संभावित खतरा बना हुआ था। इन्हीं तमाम सुरक्षा कारणों और कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए इसे बंद रखने का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट की गईं प्राचीन मूर्तियां
निर्माण कार्य आरंभ होने के बाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में संग्रहालय के आंतरिक बरामदे में स्थापित प्राचीनकालीन प्रतिमाओं को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था, ताकि इन अतिप्राचीन और अमूल्य मूर्तियों को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए कई प्राचीन और भारी-भरकम मूर्तियों को सुरक्षित बाहर हटवाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें