इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई कॉलोनी स्कीम-140 की सड़क के निर्माण में लोगों के मकान नहीं, बल्कि कब्रिस्तान बाधक बना हुआ है। इस कारण सड़क का एक हिस्सा कब्रिस्तान के मुहाने तक बन गया, लेकिन सड़क जुड़ नहीं पाई। अब इस सड़क को बनाने का काम नगर निगम ने अपने हाथ में लिया है। अब देखना होगा कि सड़क के लिए बाधक कब्रिस्तान को हटाया जाता है या फिर वैकल्पिक रास्ता निकाला जाएगा।
कमेटी ने नहीं हटाया कब्रिस्तान
पांच साल पहले बायपास से एडवांस एकेडमी तक सड़क बनाने का काम इंदौर विकास प्राधिकरण ने शुरू किया। तब भी कब्रिस्तान को हटाने के लिए कमेटी से चर्चा की गई, लेकिन कमेटी इसके लिए तैयार नहीं हो पाई। आखिरकार सड़क का काम रूक गया।
बॉम्बे अस्पताल से तुलसी नगर तक बन गई सड़क
मास्टर प्लान की इस महत्वपूर्ण सड़क को बनाने में भी विभागों ने खूब कंजूसी की। एबी रोड से बॉम्बे अस्पताल तक तो सड़क 30 मीटर चौड़ाई में बन गई, लेकिन बॉम्बे अस्पताल से तुलसी नगर तक की एक लेन ही बन पाई। पांच साल पहले 20 से ज्यादा कॉलोनियों के रहवासियों ने आंदोलन किया। तब इंदौर विकास प्राधिकरण को दूसरी लेन तक सड़क बनाना पड़ी, लेकिन अभी भी तुलसी नगर पुल से बायपास तक इस सड़क की कनेक्टिविटी ठीक नहीं है।
20 फीट से भी कम चौड़ाई में सड़क बनी हुई है। रहवासी आयुष राव का कहना है कि सड़क के बॉटलनेक वाले हिस्से में बाधा दूर की जाना चाहिए। बायपास से एबी रोड तक सड़क की चौड़ाई सामान्य होने पर ही वाहन चालकों को फायदा होगा। रहवासी संजय यादव ने कहा कि अब इस हिस्से में ज्यादा बसाहट हो गई है। शाम के समय गलियों में ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति होती है। सड़क बनना ही चाहिए।
इसलिए जरूरी है यह सड़क
-स्कीम 140 की लिंक रोड बनने से एमआर-10 रोड के ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
- अभी बायपास से एबी रोड को जोड़ने के लिए सबसे चौड़ी सड़क वही है। इस सड़क के बनने से बॉम्बे अस्पताल से बायपास तक सीधे ट्रैफिक आ-जा सकेगा।
- एमआर-10 से निपानिया, तुलसी नगर, महालक्ष्मी नगर सहित 50 से ज्यादा कॉलोनियों के लिए समान रूप से चौड़ी सड़क नहीं है।
- एडवांस स्कूल के पास से 12 फीट चौड़ाई की सड़क बनाई गई है। कई बार संकरी सड़क के कारण हादसे होते हैं। अंधा मोड़ होने के कारण वाहन दिखाई नहीं देते।
फैक्ट फाइल-स्कीम-140 लिंक रोड
- मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 30 मीटर है। नगर निगम को डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा बनाना है।
- मास्टर प्लान के पैकेज में इस सड़क को शामिल किया गया है। तीन करोड़ रुपये इसके निर्माण पर खर्च होंगे।
- बीते 30 साल में इंदौर विकास प्राधिकरण ने इस सड़क को टुकड़ों में बनाया है।
- सड़क नहीं होने के कारण अभी इस लिंक रोड पर बायपास की तरफ से वाहन आते हैं और एमआर-10 रोड पर डॉयवर्ट हो जाते हैं।
कमेटी से चर्चा कर खोजेंगे हल
बायपास से रिंग रोड को जोड़ने के लिए यह सड़क का चौड़ा होना जरुरी है। हमने इसे 23 सड़कों के प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। कब्रिस्तान को लेकर हम कमेटी से चर्चा करेंगे और कोई हल निकाला जाएगा।- राजेंद्र राठौर, जनकार्य समिति प्रभारी