फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore: इंदौर की मंडियों में टमाटर की बंपर आवक, दो रुपये किलो मिल रहे भाव

Wed, 26 Mar 2025 09:51 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इस साल मौसम टमाटर के अनुकुल रहा। इस कारण इंदौर संभाग में रकबा बढ़ा है। इस कारण पिछले साल की तुलना में टमाटर का उत्पादन ज्यादा हुआ। दरसल छह माह पहले इंदौर में टमाटर खेरची मंडियों में 80 से 100 रुपये किलो तक बिका था।
विज्ञापन
मंडी में टमाटर की ज्यादा आवक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अच्छे भाव मिलने की उम्मीद में ज्यादातर  किसानों ने अपने खेतों में टमाटर की फसल बोई है। इसके चलते अब मंडियों में टमाटर की आवक ज्यादा हो गई और डिमांड कम है। जो टमाटर पहले मंडियों में 30 रुपये किलो थोक में मिल रहे थे। अब वे एक-दो रुपये किलो में बिक रहे है। हालत यह है कि किसान मंडियों में टमाटर ला रहे है, लेकिन उचित दाम न मिलने के कारण वे उन्हें मवेशियों को खिला रहे है। किसानों को मंडियों तक टमाटर को परिवहन कर लाना भी महंगा पड़ रहा है।

विज्ञापन



यह खबर भी पढ़ें:  इंदौर में रात में हो रही सफाई, चार दिन रैंकिंग के लिए रहेगी टीम

लागत का खर्च भी नहीं निकल रहा

किसान टमाटरों के उचित दाम नहीं मिलने से नाराज है। इंदौर, पालिया, महू, देवास, उज्जैन सहित आसपास से किसान रोज मंडी में टमाटर ला रहे है। किसान धीरज पाटीदार ने बताया कि खेतों से टमाटर तुड़नाने की मजदूरी और उन्हें मंडियों तक लाने का परिवहन खर्च भी टमाटरों की बिक्री से नहीं निकल पा रहा है।

उन्होंने बताया कि एक कैरेट (25 किलो) टमाटर तुड़वाने में 35 रुपये खर्च होते है, लेकिन मंडी में एक कैरेट 40 से 50 रुपये में बिक रहा है। इस कारण किसान खेतों में ही टमाटर सड़ने दे रहे है। खेरची में तो टमाटर 20-25 रुपये किलो मिल रहा है, लेकिन किसानों को पर्याप्त मूल्य नहीं मिल रहा है।

दूसरी मंडियों में भी नहीं मिल रहे है भाव

इंदौर संभाग के खरगोन, बड़वानी, धार क्षेत्र की मंडियों मेें भी टमाटर की आवक जरुरत से ज्यादा है, लेकिन वहां भी दो-तीन रुपये से ज्यादा के भाव नहीं मिल रहे है। टमाटर की बिक्री नहीं होने और गर्मी के कारण टमाटर सड़ रहे है। किसान उन्हें मंडी में ही छोड़कर जा रहे है।

विज्ञापन



इस साल मौसम टमाटर के अनुकुल रहा। इस कारण इंदौर संभाग में रकबा बढ़ा है। इस कारण पिछले साल की तुलना में टमाटर का उत्पादन ज्यादा हुआ। दरसल छह माह पहले इंदौर में टमाटर खेरची मंडियों में 80 से 100 रुपये किलो तक बिका था। तब किसानों ने अच्छे भाव मिलने के चक्कर में दूसरी सब्जियों के बजाए टमाटर के उत्पादन पर जोर दिया था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें