गंभीर, चंबल, चामला नदी पर बड़े ब्रिज भी बनाए गए है, ताकि बारिश में बाढ़ आने पर मार्ग का यातायात प्रभावित न हो। तीन गांवों के समीप बाइपास भी बनाए गए है। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 17 किलोमीटर की सर्विस रोड भी बनाई गई है।
भारत माला प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बदनावर से उज्जैन तक फोरलेन का निर्माण किया है। इस मार्ग पर हलके वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जबकि भारी वाहनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी।
इस फोरलेन को जनता को लोकार्पित करने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव 7 अप्रैल को बदनावर आएंगे। आयोजन की तैयारियों को जायजा लेने कलेक्टर प्रियंक मिश्र भी बदनावर पहुंचे। गांव के एक खेत में मंत्री के हेलीकाप्टर को उतारने के लिए एक हेलीपेड भी बनाया जाएगा। गडकरी करीब एक घंटा इस मार्ग पर रुकेंगे और वाहन में सवार होकर सड़क का अवलोकन भी करेंगे।
69 किलोमीटर है लंबाई
बदनावर से उज्जैन तक इस मार्ग की लंबाई 69 किलोमीटर है। सिंहस्थ के समय राजस्थान और गुजरात की तरफ से आने वाले यात्रियों के लिए यह मार्ग काफी सुविधाजनक होगा। दिल्ली-मुबंई काॅरिडोर से भी यह मार्ग जुड़ा हुआ है। इस मार्ग पर काफी कम कर्व दिए गए है। लोकल ट्रैफिक और पशुअेां की आवाजाही रोकने के लिए मार्ग पर 100 से ज्यादा बाक्स कल्वर्ट बनाए गए है।
इसके अलावा 30 अंडरपास भी बने है। गंभीर, चंबल, चामला नदी पर बड़े ब्रिज भी बनाए गए है, ताकि बारिश में बाढ़ आने पर मार्ग का यातायात प्रभावित न हो। तीन गांवों के समीप बाइपास भी बनाए गए है। स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 17 किलोमीटर की सर्विस रोड भी बनाई गई है। इसमे सबसे लंबा बाइपास उज्जैन के समीप 13 किलोमीटर का है। जबकि बड़नगर में 9 किलोमीटर का बाइपास है। बदनावर में बाइपास की लंबाई साढ़े पांच किलोमीटर है। इस वाहन का उपयोग करने वाले यात्रियों को टोल भी चुकाना होगा, हालांकि अभी टोल टैक्स का निर्धारण नहीं हुआ है।