अहिल्या प्रतिमा पर माल्यार्पण करत महिलाएं।
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इंदौर में देवी अहिल्या की 300 वीं जयंती पर सुबह से लेकर शाम तक हुए आयोजन महिला सशक्तिकरण को समर्पित रहे। हर आयोजन में महिला वर्ग की उपस्थति ज्यादा नजर आई। चाहे मेट्रो ट्रेन का सफर हो या समापन समारोह। हर बडे आयोजन में महिलाएं थी।
महिलाएं शाम को देवी अहिल्या प्रतिमा की सामूहिक आरती करने पहुंची। सुबह महिलाएं भजन मंडल में शामिल होकर भजन गाते हुए राजवाड़ा चौक की परिक्रमा करने आई थी। कई महिलाएं मराठी शैली का लुगड़ा पहन कर आई थी और देवी अहिल्या जैसा तिलक लगाकर शामिल हुई। मेट्रो ट्रेन का पहला सफर महिलाओं के लिए रखा गया। बड़ी संख्या में महिला यात्रियों ने मुफ्त की सवारी की। इसके अलावा इंदौर की एक संस्था ने अलग-अलग समाजों की महिलाओं का सम्मान किया।
गौरव दिवस की थीम रही गायब
इंदौर नगर निगम ने गौरव दिवस के रुप में देवी अहिल्या की जयंती मनाने का फैसला लिया, लेकिन किसी भी आयोजन में गौरव दिवस का उल्लेख नहीं हुआ। हर कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर ही फोकस रखा गया। नगर निगम ने जुबिनट नौटियाल के शो की घोषणा भी की थी, लेकिन बाद में उसे निरस्त कर दिया, हालांकि इसके लिए बारिश के मौसम का हवाला दिया गया।