इंदौर में दिवाली से पहले वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। शहर का औसत AQI 233 दर्ज हुआ जो खराब श्रेणी में है। छोटी ग्वालटोली 233 AQI के साथ सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जबकि रीजनल पार्क 48 AQI के साथ शहर का सबसे स्वच्छ क्षेत्र बना हुआ है।
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दिवाली का त्योहार आने से ठीक पहले इंदौर शहर के वातावरण में वायु प्रदूषण का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। वर्तमान रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर का समग्र औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 233 दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा पर्यावरण मानकों के अनुसार खराब श्रेणी के अंतर्गत आता है। त्योहारों के बीच हवा में घुले इस प्रदूषण ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह है कि पूरे इंदौर शहर में प्रदूषण का यह असर एक समान नहीं है, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में भारी अंतर देखा जा रहा है।
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छोटी ग्वालटोली सबसे ज्यादा प्रभावित, रीजनल पार्क की हवा रही साफ
शहर के प्रमुख इलाकों में स्थिति का आंकलन किया जाए तो छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर सर्वाधिक पाया गया है। छोटी ग्वालटोली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 233 तक पहुंच गया, जिसे बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। इस क्षेत्र की हवा में मुख्य रूप से 10 माइक्रोन से बड़े धूल के कण जिन्हें पीएम 10 कहा जाता है, की मात्रा काफी अधिक दर्ज की गई है।
दूसरी तरफ, शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण के स्तर में विविधता देखी गई है:
1. अन्नपूर्णा क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 188 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
2. रेजिडेंसी एरिया में वायु गुणवत्ता सूचकांक 172 रिकॉर्ड किया गया, इसे भी मध्यम श्रेणी में रखा गया है।
3. एयरपोर्ट क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 101 दर्ज किया गया, जहां प्रमुख प्रदूषक पीएम 10 रहा।
यहां सबसे कम प्रदूषण
रीजनल पार्क क्षेत्र इंदौर का सबसे स्वच्छ इलाका बनकर सामने आया है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 48 दर्ज किया गया, जो अच्छी श्रेणी में आता है। इस क्षेत्र में पीएम 2.5 मुख्य घटक रहने के बावजूद इंदौर तथा पूरे प्रदेश में सबसे कम प्रदूषण दर्ज हुआ। दिवाली के बाद हर साल वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। यह हालात लगभग दो से तीन दिन तक बने रहते हैं।