सार
यशवंत क्लब के अध्यक्ष पद पर लंबे समय तक पम्मी छाबड़ा अध्यक्ष रहे,लेकिन इस बार वे चुनाव नहीं लड़ रहे है। उन्होंने अभी तक किसी पैनल को समर्थन भी नहीं दिया हैै। लंबे समय तक अध्यक्ष रहने के कारण पम्मी गुट का क्लब में तगड़ा वोटबैंक है।
इंदौर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब के चुनाव की सरगर्मी तेज हो गए है। क्लब के सचिव और कोषाध्यक्ष पर खड़े दो उम्मीदवारों के सामने किसी ने पर्चा ही दाखिल नहीं किया। सचिव पद पर संजय गोरानी निर्विरोध चुने गए।
वे पिछले कार्यकाल में भी सचिव रह चुके है। इस पद के लिए एक ही नामांकन आया था। इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद के लिए आदित्य उपाध्याय निर्विरोध चुने गए। पेशे से सीए आदित्य भी कोषाध्यक्ष रह चुके है और उनका पिछला कार्यकाल भी बेदाग रहा। अब इन पदों के लिए चुनाव नहीं होंगे। शेष पदों के लिए 16 जून को वोटिंग होगी।
यशवंत क्लब के अध्यक्ष पद पर लंबे समय तक पम्मी छाबड़ा अध्यक्ष रहे,लेकिन इस बार वे चुनाव नहीं लड़ रहे है। उन्होंने अभी तक किसी पैनल को समर्थन भी नहीं दिया हैै। लंबे समय तक अध्यक्ष रहने के कारण पम्मी गुट का क्लब में तगड़ा वोटबैंक है।
चुनावी शेड्यूल के तहत 4 जून तक नामांकन फार्म जमा करने की तिथि थी और नाम वापसी की तिथि 11 जून है। सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए एक-एक नामांकन जमा हुए,जबकि दूसरे पदों के लिए नामांकन जमा हुए हैै।
अध्यक्ष पद के लिए वागले के अलावा टोनी सचदेवा भी मैदान में है। पूर्व सहसचिव अतुल शेठ इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे है। इस पद केे लिए अश्विनी पुराणिक और विपिन कूलवाल है। विपिन कार्यकारिणी सदस्य थे,लेकिन इस बार सहसचिव पद के लिए किस्मत आजमा रहे है।
कार्यकारिणी पर के पांच पदों के लिए दस उम्मीदवार मैैदान में है।16 जून को क्लब के 4 हजार सदस्य शाम पांच बजे तक मतदान करेंगे। इसके बाद रात को परिणाम आएंगे। क्लब के चुनाव के लिए पार्टियों का दौर शुरू हो चुका है।