इस तरह पाइप से बुरी तरह मारता रहा आरोपी
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सीधी पेशाब कांड का मामला अभी पूरे प्रदेश में गरमाया है और इंदौर में दो आदिवासी भाइयों को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आ गया। आरोपियों ने गाड़ी फिसलने की बात पर बुरी तरह पीटा। आरोपी सुमित चौधरी एक टाउनशिप में गार्ड है।
उसने दोनों आदिवासी भाइयों को बंधक बनाया और गार्ड रूम में ले जाकर अपने दो साथियों के साथ जमकर पिटाई की। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट किया और भाजपा शासन में कुछ लोग वचिंत समुदायों से नफरत करने लगे हैं और उत्पीड़न की सारी हदें पार कर रहे हैं। उधर, आदिवासी संगठन जयस ने भी इस घटना की निंदा की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। मामला जानकारी में आने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मध्यप्रदेश में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार सभी सीमाओं को लांघ गए हैं। आदिवासी समुदाय की पीड़ा को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है। सीधी की घटना के बाद जिस तरह से इंदौर के राऊ क्षेत्र में दो आदिवासी बच्चों की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सामने आया है, उसे देखकर रूह कांप जाती है।…
राऊ पुलिस के अनुसार, अंतर सिंह की गाड़ी फिसल गई। इसके बाद ट्रेजर फेंटेसी के गार्ड सुमित चौधरी का अंतर से विवाद हो गया। सुमित सड़क से जल्दी गाड़ी हटाने की बात कह रहा था। इस बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि सुमित अंतर सिंह को गार्ड रुम में ले गया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। अपने भाई को खोजने के लिए शंकर डाबर आया तो उसे भी सुमित, उसके दोस्त जय बघेल और प्रेम सिंह परमार ने बुरी तरह पीटा और रात भर बंधक बनाकर रखा।
सुमित और उसके दोस्त नशे में थे। सुबह जैसे-तैसे दोनों भाई निकले और अपने गांव नालछा जाकर घटना बताई। इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता डाॅ. आनंद राय ने कहा कि आदिवासियों पर अत्याचार के मामले मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा हो रहे हैं। सरकार भी इसे लेकर गंभीर नहीं है।