इंदौर में पकड़ाई फर्जी वकील सोनू मंसूरी के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। एमजी रोड टीआई संतोष यादव ने बताया कि अभिभाषक संघ के सदस्य सुरेन्द्र सिंह की शिकायत पर 23 वर्षीय सोनू मंसूरी पिता सुपडु मंसूरी और वकील नूरजहां के खिलाफ 41९, 420, 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया है।
जिला कोर्ट के अधिवक्ता श्याम दांगी और प्रशांत वर्मा ने बताया कि सोनू को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि सोनू मंसूरी फर्जी वकील बनकर इंदौर जिला कोर्ट में हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के वीडियो बनाते वक्त पकड़ी गई थी। उसके पास से 1 लाख 16 हजार रुपए की नकद राशि भी बरामद हुई थी। उसने बताया था कि वह वकील नूरजहां के कहने पर यह काम कर रही थी। नूरजहां भोपाल की रहने वाली है और अब इस मामले में फरार है।
इंदौर के आनंद बाजार में किराए का घर लिया
पुलिस के सामने युवती ने माना कि वह ये वीडियो प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के लिए जुटा रही थी। ऐसा करने के लिए उसे महिला वकील ने ही कहा था। सोनू कसरावद (खरगोन) की रहने वाली है और अभी इंदौर के आनंद बाजार के सुनिकेत अपार्टमेंट में किराए से रह रही थी।
खुद को जूनियर वकील बताती रही
अभिषाषक संघ के सदस्य ने एफआईआर में बताया है कि शनिवार को कोर्ट नंबर 42 में सोनू मंसूरी नाम की युवती बहस के दौरान वीडियो बना रही थी। यहां मौजूद अन्य वकीलों ने उससे पूछा कि वह रिकॉर्डिंग क्यों कर रही है तब सोनू ने बताया कि वह जूनियर वकील है और अपनी सीनियर वकील नूरजहां के कहने पर दिल्ली के वकील एजाज हाशमी को केस में मदद कर रही है। जब उससे आईडी कार्ड मांगा तब उसका झूठ पकड़ाया।
सवा लाख रुपए नकद मिले
इसके बाद सोनू मंसूरी ने बताया कि वह एडवोकेट नूरजहां की ओर से कोर्ट में आवेदन लगाती है। जहां भी हिंदू-मुस्लिम के केस होते हैं। वहां बहस और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा कर प्रतिबंधित संगठन पीएफआई को पहुंचाती है। इसके बाद एमजी रोड पुलिस को सूचना दी गई और कोर्ट परिसर में एसआई टीना शुक्ला ने सोनू मंसूरी की चेकिंग की तो उसके पास से 1 लाख 16 हजार रुपए नकद मिले। इसके बाद यह भी पता चला कि वह वकील नहीं है।
इंदौर बार एसोसिएशन के चुनाव लड़ चुकी है नूरजहां
पुलिस के मुताबिक सोनू को भेजने वाली नूरजहां भोपाल की रहने वाली है। वह प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जुड़ी है। इंदौर में एक साल पहले बार एसोसिएशन के चुनाव भी लड़ चुकी है। अब वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
क्या है पीएफआई
पीएफआई का पूरा नाम पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया है। यह प्रतिबंधित संगठन है और भारत में इस्लामिक पॉलिटिकल संगठन होने का दावा करता है। कई संदिग्ध मामलों में नाम आने के बाद सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगाया है। यह हिंदूवादी संगठनों के विरोध में बनाया गया है।
क्या था मामला
पठान मूवी के विरोध के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में इनकी सुनवाई के दौरान सोनू मंसूरी वीडियो बना रही थी। इसी दौरान उसे पकड़ा गया था।