इंदौर के होलकर काॅलेज की निर्माणाधीन लाइब्रेरी से गिरने से इंजीनियर की मौत हो गई। काॅलेज की वर्षों पुरानी लाइब्रेरी के शेेड को बदलने का काम काॅलेज प्रबंधन ने ठेके पर दे रखा था। मनीष झरने ने यह काम ठेके पर लिया था और वह खुद इंजीनियर भी था।
शाम को वह तीसरी मंजिल पर खड़ा था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया। काम कर रहे श्रमिकों ने देखा और काॅलेज स्टाॅफ को सूचना दी। मनीष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
उपरी मंजिल से गिरने के कारण उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। भंवरकुआं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्राचार्य सुरेश सिलावट ने बताया कि मनीष ही ठेकदार था और वह शाम को बिल्डिंग से गिर गया था।
निर्माणाधीन बिल्डिंग में सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं थे। गिरने वाले इंजीनियर ने सुरक्षा हेलमेट भी नहीं पहनी थी और न ही तीसरी मंजिल पर सुरक्षा जाली लगी थी। यदि सुरक्षा का ध्यान रखा जाता तो इंजीनियर की जान बच सकती थी।