तुलसीराम सिलावट के बारे में जानकारी।
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मध्यप्रदेश की नई विधानसभा में तुलसी सिलावट को भी मंत्री पद दिए जाने की चर्चा जोरों पर है। तुलसीराम सिलावट सांवेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे खास सिपहसलार माने जाते हैं। यदि इस बार सिलावट को भी मंत्री बनाया गया तो वे तीसरी बार मंत्री पद की शपथ लेंगे। सिलावट कमलनाथ और शिवराज सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
एक नजर में
6 बार विधायक बन चुके हैं
2 बार मंत्री बन चुके हैं
1982 में पहली बार नगर निगम के पार्षद का चुनाव जीता
1985 में पहली बार विधायक बने
1998 से 2013 तक मप्र ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष रहे
तुलसीराम सिलावट ने छात्र नेता के तौर पर अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। 1978 से 1989 तक वे शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे। बाद में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए। तुलसीराम सिलावट ने कांग्रेस से जुड़कर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने पहली बार 1982 में पार्षद का चुनाव जीता। सिलावट ने पहला विधानसभा चुनाव सांवेर से 1985 में लड़ा और इसके बाद मप्र ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष बने। 2007 के उपचुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की फिर 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में भी जीते। इसके बाद 2018 में चौथी बार सांवेर विधायक बने। इसके बाद कमलनाथ सरकार में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया।
तुलसीराम सिलावट वे सिंधिया के साथ मार्च 2020 में अपनी विधानसभा की सदस्यता व मंत्री पद छोड़ कांग्रेस से भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद जब नवंबर 2020 में सांवेर विधानसभा के उपचुनाव हुए तो यह उपचुनाव वाली 29 सीटों में से सबसे हॉट सीट मानी गई। यहां कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन इसके बावजूद वे 50 हजार के भी बड़े अंतर से चुनाव जीते थे। उन्होंने कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्डू को चुनाव हराया था। भाजपा ने प्रदेश में फिर से सरकार बनाई और सिलावट को जल संसाधन मंत्री बनाया गया। तुलसीराम सिलावट 2023 के हुए चुनाव में जीतकर छठवीं बार विधायक बने हैं।