वड़ोदरा में मेट्रो कोच यूनिट का शुभारंभ।
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इंदौर में निर्माणाधीन मेट्रो के लिए दो किलोमीटर लंबे हिस्से में पटरियां बिछाने का काम शुरू हो गया है। वड़ोदरा में इंदौर और भोपाल मेट्रो के कोच भी बनना शुरू हो गए हैं। कोच यूनिट का शुभारंभ सोमवार को नगरीय विकास व आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने वर्चुअली किया। उन्होंने कंपनी के अफसरों को कहा कि सरकार ने अगस्त तक मेट्रो के परीक्षण की समय सीमा तय की है, इसलिए मई तक कोच की खेप प्रदेश के दोनों शहरों में पहुंचा दें।
डिपो में पटरियां बिछाने का काम शुरू
इंदौर में दो किलोमीटर हिस्से के लिए छत्तीसगढ़ से पटरियों की पहली खेप इंदौर आ चुकी है। पटरियों का निर्माण जिंदल स्टील कंपनी कर रही है। आने वाले दिनों में और पटरियां भी आएंगी। फिलहाल पटरियों को इंदौर के समीप गांधीनगर में तैयार हो रहे डिपो में बिछाया जा रहा है। पटरी बिछाए जाने के बाद तकनीकी काम पांच माह में पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है, क्योंकि अगस्त तक सरकार ने ट्रायल रन की समय सीमा तय की है।
150 मीटर होगी लंबाई
वड़ोदरा में एल्सटाॅम कंपनी मेट्रो कोच का निर्माण कर रही है। इंदौर में लाइट मेट्रो चलाई जाएगी और उसकी लंबाई 150 मीटर होगी। मेट्रो में 300 से ज्यादा यात्री एक समय में बैठ सकेंगे। ट्रायल रन के लिए दो मेट्रो ट्रेन इंदौर आएगी। कोचेस को ट्रेक तक ले जाने के लिए गांधी नगर डिपो में एक प्लेटफॉर्म भी तैयार हो रहा है। काम समयसीमा में काम पूरा हो, इसलिए रात में भी काम चल रहा है। अभी 17 किलोमीटर के हिस्से में पिलर निर्माण और उन पर सेगमेंट जोड़ने का काम जारी है।
मध्य हिस्से में शुरू नहीं हो पाया काम
इंदौर में पहले चरण में 31 किलोमीटर के मेट्रो ट्रेक में एयरपोर्ट से सुपर कॉरिडोर, भंवरासला, सुखलिया ग्राम चौराहा, रेडिसन चौराहा, खजराना, पलासिया और एमजी रोड का हिस्सा शामिल है। अभी 17 किलोमीटर हिस्से में ही काम चल रहा है। निर्माण पूर्ण करने की प्राथमिकता एयरपोर्ट से रेडिसन चौराहे वाले हिस्से में दी जा रही है। मध्य क्षेत्र में पहले एमजी रोड को मेट्रो रुट के लिए चुना गया था, लेकिन पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने इस पर आपत्ति जताई है। इसके बाद अभी तक मध्य हिस्से में काम शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार जवाहर मार्ग वाले हिस्से में मेट्रो रुट फायनल हो सकता है।