फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: आपत्ति लगाने पर पीड़ितों को धमका रहे भूमाफिया, हाईकोर्ट के सामने रखी अपनी बात

Wed, 05 Apr 2023 08:18 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

- जमीनों की हेराफेरी के मामले में अब अगली सुनवाई 17 अप्रैल को 
 
विज्ञापन
भूमाफिया चिराग शाह चंपू अजमेरा - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर हाईकोर्ट में भूमाफियाओं के केस में चल रही सुनवाई में पीड़ितों का दर्द फूट पड़ा। पीड़ितों ने कोर्ट के सामने कहा कि हमें फोन आते हैं कि कोर्ट में आपत्ति मत लगाना। महिला ने साजिद का नाम लिया और कहा कि वह हमें कहता है कि हम जल्द सेटलमेंट करवा देंगे। हाईकोर्ट में खड़े होकर आपत्ति मत लगाना, कह देना कि सेटलमेंट हो गया है। हाईकोर्ट की बेंच में भूमाफिया चंपू अजमेरा, चिराग शाह, नीलेश अजमेरा, निकुल कपासी, हैप्पी धवन, महावीर जैन के मामले में  सुनवाई चल रही है। बुधवार को कई बुजुर्गों ने अपनी परेशानी बताई। इस पर हाईकोर्ट ने सभी से कहा है कि वह कमेटी के प्रमुख अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर से मिलें और अपनी बात बताएं। इसके साथ ही 17 अप्रैल को अगली सुनवाई तय गई है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ में यह सुनवाई चल रही है।
विज्ञापन


भूमाफियाओं के वकीलों ने प्रशासन को जमकर घेरा
हाईकोर्ट की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गठित जिला प्रशासन की कमेटी की अलग- अलग सेटलमेंट रिपोर्ट पर दोनों पक्षों में लंबी बहस चली। भूमाफियाओं की ओर से तर्क रखे गए कि हमने सेटलमेंट के लिए 96 लाख रुपए के चेक दिए हुए हैं और कमेटी अलग रिपोर्ट पेश करती है और कह रही है कि सेटलमेंट नहीं हुआ है। वहीं  शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि यह सभी वादे से मुकर गए। इस पर हाईकोर्ट ने अगली पेशी पर अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर को खुद मौजूद रहने के लिए कहा है। वह कमेटी के प्रमुख हैं। भूमाफियाओं के वकीलों ने यह भी कहा कि प्रशासन की कमेटी की कोई मंशा ही नहीं थी कि वह केस सेटल कराए। नवंबर 2021 से यह मामला चल रहा है और सुप्रीम कोर्ट ने भूमाफियाओं को जमानत इस शर्त पर दी थी कि वह पीड़ितों के सेटलमेंट करेंगे। इसके बाद से सेटलमेंट पर प्रशासन और भूमाफियाओं के अपने-अपने तर्क चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पीड़ित परेशान हैं और 60 प्रतिशत को प्लाट नहीं मिल पाए हैं। 

यह है मामला
इंदौर में भूमाफियाओं ने सैकड़ों लोगों से पैसे लेकर उन्हें प्लॉट नहीं दिए। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। भूमाफियाओं ने सुप्रीम कोर्ट से यह कहकर जमानत ली थी कि वे जल्द से जल्द जमीनों के सभी मामले सुलझा देंगे। जमानत देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला हाईकोर्ट में भेज दिया और सेटलमेंट के मामलों पर निगरानी का कहा। अब प्रशासन ने कहा है कि भूमाफियाओं ने जमानत ले ली लेकिन सेटलमेंट नहीं कर रहे हैं। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ में यह सुनवाई चल रही है। 
विज्ञापन


कौन कौन शामिल हैं इन मामलों में
भूमाफिया चंपू, चिराग, नीलेश अजमेरा, निकुल कपासी, महावीर जैन, योगिता अजमेरा और हैप्पी धवन के मामले कोर्ट में चल रहे हैं। इन्हें पीडि़तों के प्लॉट वापस करना हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें