इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के रविदास नगर में बस्ती फाउंडेशन के द्वारा आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में इंदौर पुलिस जनता से सीधे रूबरू हुई। यह कार्यक्रम उसी जगह रखा गया जहां इसी सप्ताह कुछ नशेड़ियों ने खुलेआम सड़कों पर चाकू लहराए थे और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। इस क्षेत्र के लोग यहां लगातार बढ़ रहे नशे और अपराधों की वजह से परेशान हैं और इसी के चलते यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंदौर पुलिस के अलग-अलग विभागों से पहुंचे विशेषज्ञों ने यहां जनता को नशे, अपराध, साइबर क्राइम और महिला सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी। एडिशनल डीसीपी प्रियंका डोडवे के नेतृत्व में पहुंची टीम ने यहां जनता से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियों को भी समझा।
बच्चे महिलाएं बोले- यहां पुलिस गश्त क्यों नहीं करती
जब पुलिस टीम ने परेशानियां पूछी तो क्षेत्र के बच्चों, महिलाओं ने बताया कि यहां पर पुलिस टीम गश्त के लिए कभी भी नहीं आती है। यहां नशा और अपराध इतने अधिक हैं यदि पुलिस टीम सिर्फ रात में गश्त करने लगे तो अपराधियों में डर पैदा हो जाएगा। इस पर पुलिस टीम के शिवम ठक्कर ने कहा कि अब यहां पर नियमित गश्त शुरू कर दी जाएगी।
पहली बार में ही नशे को कहें ना
सब इंस्पेक्टर शिवम ठक्कर ने युवाओं, बच्चों को समझाया कि पहली बार में ही नशे को ना कहें वरना बाद में कोई विकल्प नहीं बचेगा। एक बार नशे की आदत लग गई तो जीवन से हाथ धोना ही पड़ेगा। उन्होंने महिलाओं को सीख दी कि सबसे पहले आपको ही शुरुआत करना होगी। जब आप पति को नशा करने के लिए मना करेंगी तभी वह बच्चों से नशा बुलवाना बंद करेगा। इस तरह के छोटे छोटे प्रयोगों से आप अगली पीढ़ी को बचा पाएंगी।
साइबर अपराध, महिला सुरक्षा पर भी हुई बात
बस्ती फाउंडेशन की छाया कुशवाहा ने बताया कि पुलिस टीम के साथ पहुंचे अन्य सदस्यों ने साइबर अपराध और महिला अपराध से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी। टीम ने सभी जरूर हेल्पलाइन के बारे में बताया और समझाया कि जनता किस तरह से पुलिस से मदद मांग सकती है।
अपराध के गढ़ में पहली बार एेसा आयोजन
क्षेत्र के लोगों ने पुलिस से कहा कि पहली बार इस तरह का आयोजन हुआ। इस क्षेत्र में लगातार नशे और अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं और इस तरह पुलिस टीम आती रही तो जल्द ही यहां सकारात्मक बदलाव दिखेगा।