मप्र सरकार का यह बजट चुनावी साल को ध्यान में रखकर बनाया गया है जिसमें कई निर्णय स्वागत योग्य हैं। देश की आर्थिक प्रगति महिलाओं की प्रगति के बिना संभव नहीं है। इस बार के बजट में महिला स्व सहायता समूह के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह निश्चित रूप से स्वागत योग्य निर्णय है। वर्तमान समय में भारत की आर्थिक प्रगति में महिलाओं का योगदान केवल 28 प्रतिशत ही है। विश्व के अन्य विकसित देशों की तुलना में यह बहुत कम है। सरकार के इस निर्णय से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है। राज्य में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के निर्णय से राज्य में रोजगार की स्थिति बहुत बेहतर होगी। इसके साथ कौशल विकास के लिए बजट रखा है और कई नए प्रावधान लाए गए हैं जो प्रदेश की युवा शक्ति को मजबूत बनाएंगे।
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केंद्र के बजट की कमियों को दूर किया
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बजट में शिक्षा के लिए बहुत कम राशि रखी गई थी। प्रदेश सरकार ने अपने बजट में 277 करोड़ रुपए शिक्षा के लिए रखे हैं। इस तरह से केंद्र सरकार के बजट की कमी को भी दूर किया गया है। प्रदेश में अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कुछ करना बाकि है और इस तरह के निर्णय स्वागत योग्य हैं जो प्रदेश का बेहतर भविष्य तैयार करेंगे।
पर्यटन पर निवेश करने से भविष्य में फायदा मिलेगा
राज्य में कई पर्यटन स्थल हैं। इस क्षमता का दोहन करने के लिए राज्य सरकार ने महाकाल मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धन आवंटित किया है। इस निवेश से पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। हाल ही में मध्यप्रदेश में जी20 सम्मेलन और प्रवासी भारती सम्मेलन हुए। इनकी वजह से भी मप्र में पर्यटन में इजाफा होगा।