चुनावी मौसम में अब अलग-अलग समाज भी राजनीतिक दलों पर टिकट देने के लिए दबाव बनाने लगे हैै। अग्रवाल समाज ने भी समाज के उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग राजनीतिक दलों से की। इस मुद्दे पर मंगलवार को इंदौर केे एक होटल में बैठक बुलाई गई। समाजजनों ने बैठक मेें कहा कि प्रदेश में अग्रवाल समाज के 30 लाख मतदाता है। इंदौर में ही 24 हजार परिवारों के एक लाख से अधिक मतदाता मौजूद है। इसके बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा विधानसभा चुनाव में अग्रवाल समाज की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
हर सुख-दुख में आम लोगों के भागीदार बनने वाले अग्रवाल समाज में अब इस बात से गहरा असंतोष पनप रहा है कि योग्य उम्मीदवारों के बावजूद किसी भी दल द्वारा उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया जा रहा है। समाज की इस अनदेखी के विरोध में आयोजित एक बैठक में अग्रवाल समाज के प्रमुख बंधुओं ने अपना आक्रोश व्यक्त किया और दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अग्रवाल समाज अपनी उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा।
100 से अधिक अग्रवाल संगठनों ने एक होटल में बैठक बुलाई थी। जिसमें विधानसभा चुनावों में अग्रवाल समाज के योग्य प्रत्याशी को टिकट दिए जाने पर विचार मंथन किया। बैठक में मुद्दा उठा कि इंदौर में 1 लाख से अधिक मतदाता होने के बावजूद विधानसभा चुनाव में अग्रवाल प्रत्याशी को अवसर नहीं दिया जा रहा है।
तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा अग्रवाल, वैश्य समाज के 30 हजार मतदाता है। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी अग्रवाल समाज के मतदाता बड़ी संख्या में मौजूद हैं। अग्रवाल समाज हमेशा आम लोगों के हर सुख-दुख में भागीदार बनता आ रहा है। प्राकृतिक आपदा हो या कोरोना महामारी के समय अग्रवाल समाज ने हमेशा अपने हाथ खुले रखे हैं।
बैठक की अध्यक्षता अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष राजेश बंसल ने की और समाज के पूर्व अध्यक्षों, किशोर गोयल, कुलभूषण मित्तल कुक्की, संजय बांकड़ा, गोविंद सिंघल, संतोष गोयल सहित 120 संगठनों के प्रतिनिधियों ने खुलकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह निर्णय भी लिया गया कि यदि अग्रवाल समाज के योग्य प्रत्याशी को टिकट मिलता है तो समाज चुनाव मेें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेगा।