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Indore: कचरे के बाद अब ट्रीटेड पानी से भी निगम की कमाई, मेट्रो निर्माण कर रही कंपनी खरीद रही रोज एक लाख लीटर

Sun, 16 Jul 2023 09:04 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि रिड्यूज, रिसायल और रियूज पद्धति को निगम ने अपनाया है। इंदौर मध्य प्रदेश का पहला शहर है जो ट्रीटेड वाॅटर बेच रहा है। शहरवासी 311 एप पर काॅल कर उपचारित पानी को मंगा कर भवन निर्माण में इसका उपयोग कर सकते है। 
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मेट्रो ट्रेक पर ट्रीटेड वाटर का किया जा रहा है छिड़काव - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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 घरों में बाथरुम और किचन से निकलने वाला गंदा पानी भी कमाई का जरिया बन सकता है। अभी तक इंदौर के लिए यह दूषित पानी समस्या बनता था, लेकिन नगर निगम इस पानी को रिसायकल कर बेचने लगा है, हालांकि अभी कमाई आंकड़ों के हिसाब से कम है, लेकिन ट्रीटेड वाॅटर की बिक्री ने निगम की कमाई के नए रास्ते खोले है। शहर मे मेट्रो प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही दोनो कंपनियां हर दिन एक लाख लीटर पानी नगर निगम से खरीद रही है।
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निगम कंपनियों को 1.40 रुपये प्रति हजार लीटर के हिसाब से पानी बेच रहा है। दोनो कंपनी अपने टैंकरों से ट्रीटमेंट प्लांट से पानी  साइट तक लाती है। आने वाले दिनों में निगम शहर के बड़े निजी प्रोजेक्टों की ट्रीटेड वाटर उपलब्ध कराएगा। तब इसकी कीमत में थोड़ी वृदि्ध हो सकती हैै,क्योकि निगम टैैंकरों से पानी खरीदने वालों तक पहुंचाएगा।

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि रिड्यूज, रिसायल और रियूज पद्धति को नगर निगम ने अपनाया है। बहुत कम शहर उपचारित पानी को बेच रहे है। उनमें से इंदौर नगर निगम भी एक है। शहरवासी 311 एप पर काॅल कर उपचारित पानी को मंगा कर भवन निर्माण व अन्य कामों में इसका उपयोग कर सकते है। 
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डेढ़ सौ से ज्यादा उद्यान ट्रीटेड वाटर से हरे भरे

कबीटखेड़ी मेें 160 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट है। 20 साल पहले 55 एमएलडी क्षमता की प्लांट भी बनाया गया था। छोटे-छोटे ट्रीटमेेंट प्लांट भी शहर में बनाए गए है।  नाले का पानी प्लांट तक लिफ्ट कर नई तकनीक से पानी को शुद्ध किया जाता है और उसेे फिर कान्ह नदी में छोड़ा जाता है, ताकि शिप्रा नदी प्रदूषण से मुक्त हो जाए।
उपचारित किए गए पानी को नगर निगम खुद के डेढ़ सौ से ज्यादा उद्यानों में भेजता है। इसके अलावा मेघदूत उपवन तक ट्रीटेड वाॅटर की एक लाइन भी बिछाई गई है। वहां एक टंकी भी ट्रीटेड वाटर से भरी जाती है। उस पानी का उपयोग मेघदूत उपवन को हरा भरा रखने के लिए किया जा रहा है। 

हर दिन 300 एमएलडी पानी का ट्रीटमेंट
जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि शहर में हर दिन 300 एमएलडी पानी का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। अभी प्रतिदिन एक लाख लीटर पानी बिक रहा है। इससे निगम को हर माह 5 हजार रुपये की आय हो रही है, लेकिन धीरे-धीरे अन्य संस्थानों को भी हम ट्रीटेड वाॅटर देंगे, ताकि निर्माण कार्यों में उनका उपयोग हो सके।
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